फिक्‍सर अजित चंदीला बोले-मैं बेकसूर, क्रिकेट मेरा धर्म

मैच फिक्सिंग के कारण अजीवन प्रतिबंध झेल रहे राजस्थान रॉयल्स के ऑफ स्पिनर अजित चंदीला ने मंगलवार को अपने आप को बेकसूर बताया है और कहा है कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से अपने ऊपर लगाए गए अजीवन प्रतिबंध के फैसले पर दोबारा सोचने की अपील करेंगे। बीसीसीआई ने चंदीला पर सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2013 में स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने के कारण अजीवन प्रतिबंध लगाया है।

अजित चंदीला
अजित चंदीला

अजित चंदीला का बयान

चंदीला ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं इस फैसले से काफी दुखी हूं, लेकिन मुझे उम्मीद है सब ठीक हो जाएगा। मैं बीसीसीआई से गुजारिश करूंगा कि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार करे। मुझे उनके जवाब का इंतजार रहेगा। मुझे उम्मीद है कि वह फैसले पर दोबारा सोचेंगे।”

उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कहा, “मैं बेकसूर हूं, क्रिकेट मेरा धर्म है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा फैसला आएगा।” उन्होंने कहा, “आज के दौर में माता-पिता भारत के लिए खेलने से ज्यादा तरजीह आईपीएल में खेलने को देते हैं। मैं अपील करने के बाद कुछ दिन इंतजार करूंगा, उसके बाद आगे के बारे में सोचूंगा।”

चंदीला ने कहा कि वह बीसीसीआई के फैसले को चुनौती नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “मैं फैसले को चुनौती देने की नहीं सोच रहा हूं। मैं बीसीसीआई से दरख्वास्त करूंगा कि वह फैसेल पर दोबारा विचार करे। बीसीसीआई के अपने अलग कायदे-कानून हैं और कोर्ट के अलग। मुझे पूरी उम्मीद है कि बीसीसीआई फैसले पर दोबारा सोचेगी।” चंदीला ने माफी मांगने से भी मना किया और कहा, “न मैं न ही मेरा परिवार अपनी भावनाओं को दुनिया के सामने जाहिर करेंगे।”

अजित चंदीला पर आरोप

बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने अपने फैसले में चंदीला को मिसकंडक्ट और करप्शन का दोषी बताते हुए उसे किसी भी तरह की क्रिकेट गतिविधि में भाग लेने से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया। चंदीला अब किसी भी लेवल पर ना तो क्रिकेट खेल सकते हैं और ना ही वो बोर्ड या उससे संबंधित किसी एसोसिएशन की गतिविधि में भाग ले सकते हैं। समिति ने हिकेन शाह को बीसीसीआई एंटी करप्शन कोड को तोड़ने समेत अन्य कई आरोपों में पांच साल के लिए क्रिकेट से जुड़ी किसी भी गतिविधि में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया।

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