Relax फील करने के लिए लोग लेते हैं बदला

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नई दिल्ली। आज के समय में कोई भी किसी अपने से बराबर या छोटे की बात बर्दाश्त नहीं करना चाहता। अगर किसी वजह से उसे बर्दाश्त करना पड़ता है तो उसे वह अपना अपमान समझता है और इस अपमान का बदला लेने के समय का इन्तजार करने लगता है। आज हम आपको बताते हैं कि आखिर लोगों को बदला लेना इतना पसंद क्यों हैं।

अपमान का बदला

अपमान का बदला लेने के समय का इन्तजार करने लगते हैं लोग 

एक अध्ययन के मुताबिक, बदला लेने के बाद एक शख्स खुद को नॉर्मल महसूस करता है। अपमानित होने या फिर उपेक्षा सहने के बाद जब वह किसी भी तरह से बदला ले लेता है तो उसे लगता है कि अब वह सामान्य है।

पर्सनैलिटी ऑफ सोशल साइकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में लोग खुद को बैलेंस करने के लिए ही बदला लेते हैं। वे अपमानित या उपेक्षित होने के बाद जब उस शख्स से बदला ले लेते हैं तो खुद को पहले की तरह ठीक महसूस करने लगते हैं।

प्रफेसर डेविड चेस्टर के मुताबिक, बदला लेना इमोशन-रिपेयरिंग टूल की तरह है। इसका असर उम्मीद से कहीं अधिक होता है। उनके अनुसार, बदला लेने का संबंध गुस्सा आने से है। जब इमोशन बैलेंस हो जाते हैं तो यह खुद ब खुद सामान्य हो जाता है। बदला लेने की भावना में नुकसान पहुंचाना मुख्य नहीं होता है। इस दौरान अहम होता है कि सामने वाला उस काम से कितना दुखी हो रहा है।

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