जब दो दोस्त बन गए ‘जानी दुश्मन’…..

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इलाहाबाद। विश्वविद्यालय के पूर्व महामंत्री को जानलेवा हमले के आरोप में तीन साथियों सहित 10-10 साल की कैद और 15-15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अभिषेक सिंह माइकल समेत तीनों को अरेस्ट कर नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। विश्वविद्यालय के पूर्व महामंत्री अभिषेक सिंह माइकल पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अभिषेक सिंह सोनू पर जानलेवा हमला करते हुए जान से मारने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि अभिषेक सिंह माइकल पर चल रहे केश की सुनवाई पूरी कर ली गई थी और सजा की तिथि सुनिश्चित की जानी थी। जिसके चलते माइकल के समर्थक सुबह से ही कचेहरी परिसर में जमा होने लगे थे। समर्थको की संख्या को देखते हुए कई थानों की फोर्स कचेहरी परिसर में तैनात कर दी गई थी।

अभिषेक सिंह

अभिषेक सिंह माइकल बने जानी दुश्मन

एक वक्त था जब यूनिवर्सिटी में अभिषेक सिंह सोनू व अभिषेक सिंह माइकल की दोस्ती की चर्चा हुआ करती थी। दोनों एक दूसरे के अच्छे दोस्त थे लेकिन आपसी स्वार्थ ने दोस्ती में दरार डाल थी। साल 2012 के छात्र संघ चुनाव में दोनो चुनाव लडऩे का फैसला लिया। प्रचार के दौरान दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए। यहीं से दोनो में मनमुटाव का दौर शुर हो गया। बात यहां तक बढ़ गई की अभिषेक सिंह माइकल ने अभिषेक सिंह सोनू को गोली मार दी। इस आरोप में अभिषेक सिंह माइकल को गिरफ्तार कर लिया गया। चुनाव में नामांकन करने के लिए माइकल पर्चा दाखिल करने नैनी जेल से आया था। माइकल के चुनाव लडऩे का तौर-तरीका आज भी शहर वासियों को याद है। यूनिवर्सिटी के छात्रों का कहना है कि चुनाव में माइकल ने लगभग तकरीबन 15 लाख रूपया खर्च किया था। जेल में रहते हुए माइकल चुनाव जीत गया। जबकि अभिषेक सिंह सोनू अध्यक्ष पद के लिए लड़े चुनाव में 15 वोटो से चुनाव हार गया। माइकल मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और अभिषेक सिंह सोनू इलाहाबाद के सलोरी का रहने वाला है।

माइकल पर गुंडा एक्ट सहित दर्जनों मुकदमें दर्ज

मिली जानकारी के मुताबकि माइकल पर कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। जानलेवा हमले से लेकर लूट-मारपीट ,धमकी, रंगदारी वसूलने के दर्जन भर से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं। माइकल के खिलाफ इलाहाबाद के कर्नलगंज थाने से गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।

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