अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के हमले के बाद सीरिया के सपोर्ट में आया रूस, की निंदा

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मॉस्को| रूस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मारिया जखरोवा ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया पर ऐसे समय में सैन्य हमला किया है, जब सीरिया को शांतिपूर्ण भविष्य का अवसर मिला था। समाचार एजेंसी ‘तास’ ने जखरोवा द्वारा शुक्रवार की रात फेसबुक पोस्ट में दिए बयान का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि जो इसके (हमले) पीछे हैं, वे दुनिया में नैतिक नेतृत्व का दावा करते हैं और अपनी विशिष्टता बताते हैं।

उन्होंने कहा कि सीरिया के पास आखिरकार जब शांति का मौका था, तब उसकी राजधानी पर हमला करना सचमुच एक अनोखी विशिष्टता है।

अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर शुक्रवार रात सीरिया में हमले किए, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूर्वी घौता के डौमा में संदेहास्पद रासायनिक हमलों के लिए अपने समकक्ष बसर अल-असद को दंडित करना चाहते हैं। संदिग्ध रासायनिक हमले में 70 लोगों की मौत हो गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से टीवी संबोंधन में हमले के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि मैंने अमेरिका की सेनाओं को सीरिया के तानाशाह बशर अल-असद के रसायनिक हथियारों के ठिकानों पर हमले करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा था कि उन्होंने 07 अप्रैल को सीरिया में संदिग्ध जहरीली गैस के रासायनिक हमलों में मारे गए 60 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए सीरिया पर हमले का आदेश दिया है।

वहीं, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्होंने ब्रिटेन की सेनाओं को सीरिया के रासासनिक हथियारों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए हमले करने का आदेश दिया है।

सीरिया पर इस हमले के बाद यहां के राष्ट्रपति बशर अल असद ने ट्वीट किया था। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है। वहीं संयुक्त राष्ट्र के लिए रूसी दूत वसिली नेबेन्ज़िया ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के सीरिया पर हमले करने से रूस और अमेरीका के बीच युद्ध के हालात बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि वो किसी भी तरह की संभावना से इनकार नहीं करते।

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