हुआ बड़ा खुलासा : इस मुसलमान शख्स ने तोड़ा था अयोध्या का ‘राम मंदिर’

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नई दिल्ली अगले साल होने वाले यूपी चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा फिर उठने लगा है। हाल ही में बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर एक विवादित बयान दिया है। इसी बीच एक पूर्व आईपीएस अधिकारी द्वारा लिखी गई किताब में दावा किया गया है कि अयोध्या में राम मंदिर बाबर के शासनकाल के दौरान नहीं, बल्कि औरंगज़ेब के राज्य में तोड़ा गया था।

अयोध्या में राम मंदिर

अयोध्या में राम मंदिर की जगह बनाई गई थी मस्जिद

ब्रिटिश काल की पुरानी फाइलों, कुछ प्राचीन संस्कृत सामग्री और पुरातत्व खुदाई की समीक्षाओं का हवाला देते हुए किताब में यह बताने की कोशिश की गई है कि अयोध्या में राम मंदिर मौजूद था जिस पर बाद में मस्जिद बनाई गई। पूर्व आइपीएस किशोर कुणाल की पुस्तक ‘अयोध्या रीविजिटेड’ में इस आम धारणा को भी झुठलाया गया है कि अवध के तत्कालीन गवर्नर मीर बाकी ने 1528 में अयोध्या में राम मंदिर को गिरा कर वहां पर बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया था।

किताब के अनुसार, मंदिर को 1528 में नहीं बल्कि 1660 में अयोध्या में औरंगजेब के गवर्नर फेदाई खान ने गिरवाया था। गुजरात कैडर के 1972 बैच के पूर्व आइपीएस कुणाल ने अंग्रेजी राज की पुरानी फाइलों, संस्कृत की प्राचीन पुस्तकों, इंग्लिश, फ्रेंच विद्वानों और पुरातात्विक खोदाई की समीक्षा को आधार बनाते हुए उपरोक्त दावा किया है। इसके जरिए उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर मस्जिद निर्माण से पूर्व राम जन्मभूमि मंदिर था।

योगी ने राम मंदिर को लेकर दिया था विवादित बयान

योगी आदित्यनाथ ने भड़काऊ अंदाज में कहा था कि जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई नहीं रोक सका, तो भला मंदिर बनाने से कौन रोकेगा। योगी ने प्रशासन को धमकाते हुए कहा था कि भगवान राम के मंदिर को बनाने से कौन रोक सकता है। जब ढ़ाचा ढ़हाने से कोई नहीं रोक पाया तो मंदिर बनाने से कौन रोकेगा। छह दिसंबर को कार सेवकों ने ढांचा ढहाने के बाद ईट का एक-एक टुकड़ा अपने साथ लेकर चले गए और अपने हिसाब से उसका इस्तेमाल किया।

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