जेटली का राहुल पर वार, अब कांग्रेस ने दिया मुंहतोड़ जवाब

0

नई दिल्ली। कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा था कि कांग्रेस एक ऐसी यथास्थिति के साथ खड़ी है जो कालेधन के अनुकूल है। साथ ही उन्होंने कहा था कि नोटबंदी पर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन बेअसर रहा। जिसके बाद अब जवाब में कांग्रेस ने कहा है कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था की ऐसी हालत कर दी है जो शायद भारत का सबसे बुरा दुश्मन भी कर पाने में सक्षम नहीं होता।

अरुण जेटली

अरुण जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट ‘नोटबंदी-एक नजर बीते 2 महीनों पर’ में लिखा

जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट ‘नोटबंदी-एक नजर बीते 2 महीनों पर’ में लिखा, “प्रधानमंत्री और उनके विरोधियों के दृष्टिकोण में एक स्पष्ट अंतर है। प्रधानमंत्री भविष्य के प्रति एक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी संचालित अर्थव्यवस्था के बारे में सोच रहे हैं। वह अब राजनीतिक वित्त पोषण प्रणाली के सफाई की बात कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “उनके विरोधी एक नकदी बहुल, नकदी पैदा करने और नकदी विनिमय प्रणाली को जारी रखना चाहते हैं। मोदी और राहुल गांधी के बीच अंतर साफ है, प्रधानमंत्री अगली पीढ़ी के बारे में सोच रहे हैं जबकि राहुल गांधी सिर्फ यह विचार कर रहे हैं कि संसद के अगले सत्र को कैसे बाधित किया जाए।” जेटली ने दावा किया कि आठ नवंबर की नोटबंदी को लागू करने के बाद कोई भी सामाजिक अशांति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी को लेकर विपक्ष का विरोध बेअसर रहा।

उन्होंने कहा, “विपक्ष ने संसद का पूरा सत्र बाधित रखा। उनकी अर्थव्यवस्था के विघटन की अतिशयोक्ति गलत साबित हुई।” जेटली ने कहा, “यह एक त्रासदी है कि कांग्रेस जैसी एक राष्ट्रीय पार्टी ने एक ऐसी राजनीतिक अवस्थिति ली जो प्रौद्योगिकी, बदलाव और सुधार की विरोधी है।” जेटली के टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, “नोटबंदी वह करने में सफल रही है जो भारत के शायद सबसे बुरे शत्रु भी करने में असफल रहे; इसने भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव हिला दी है।”

मनीष ने कहा, “क्या भविष्य की तरफ देखने का मतलब सनक भरे निर्णय से अर्थव्यवस्था को गिराना और नष्ट करना होता है। अगर हां, तब तो इस तरह का भविष्य दृष्टा प्रधानमंत्री नहीं चाहिए।” केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा किए गए नोट अपने पहले की ‘गुमनामी’ वाली स्थिति से बाहर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की जमा राशि अपने आप से वैध नहीं होगी और इसके मालिकों की पहचान कराधान प्रायोजन के लिए की जाएगी।

जेटली ने कहा, “बड़ी मात्रा बैंकों में जमा किए गए उच्च मूल्य वाले नोटों को वैध नकदी के रूप में प्रस्तुत करना नहीं है।” उन्होंने कहा, ” कालेधन का रंग इसलिए नहीं बदल जाएगा क्योंकि यह बैंक में जमा हो गया। इसके विपरीत यह अपनी ‘गुमनामी’ की पहचान को खो देगा और अब इसकी पहचान इनके मालिक से होगी।” वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग को इस राशि पर कर निर्धारित करने का अधिकार है।

उन्होंने कहा, “किसी भी मामले में आयकर अधिनियम में संशोधन यह अनुमति देता है कि बताई गई राशि चाहे स्वेच्छा से घोषित हो या अस्वेच्छा से, वह कराधान और दंड के मातहत होगी।” जेटली ने यह टिप्पणी इस हफ्ते आई उन मीडिया रिपोर्ट पर की जिसमें कहा गया कि नोटबंदी वाले करीब 97 फीसद नोट बैंकों में जमा हो गए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस तरह 30 दिसंबर 2016 तक बैंकों में करीब 14.97 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए।

भारतीय रिजर्व बैंक ने मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस तरह के अनुमान सही नहीं हो सकते क्योंकि अभी विभिन्न करेंसी चस्ट में एकत्रित राशि को अभी वास्तविक नकदी से मिलाने की जरूरत है। साथ ही गणना की गलतियों को दूर करने के लिए दोबारा गणना की जरूरत है।

loading...
शेयर करें