अवैध कारोबार में लिप्त है यूपी का ये जिला

0

ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में जिला प्रशासन, आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने चीरा गांव में कच्ची शराब के एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें जेसीबी मशीन ने मौके पर धधक रही शराब की भट्ठियां व कारोबारियों के कच्चे व पक्के निर्माण गिरा दिए। जिले में चल रहे इस अवैध कारोबार का पुलिस की टीम ने खुलासा कर दिया है।  टीम ने मौके से 1860 लीटर कच्ची शराब बरामद कर 2 लाख लीटर लहन नष्ट किया है, जिसकी कीमत करीब 10 लाख बताई जा रही है। अवैध शराब के धंधे में लिप्त 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

अवैध कारोबार

अवैध कारोबार ने जमा ली जड़ें

 

जनपद में अवैध शराब का कारोबार दिनों-दिन फल-फूल रहा है। लघु उद्योग का दर्जा ले चुके इस अवैध कारोबार ने जनपद के ग्रामीण इलाकों में अपनी जड़ें जमा ली हैं। कोतवाली सदर क्षेत्र में अवैध शराब के गढ़ कहे जाने वाले चीराहार गांव में तो शराब माफिया बड़े मुनाफे के लिए भारी मात्रा में शराब का स्टॉक रखते हैं। लगातार मिल रही इन शिकायतों के बाद आज जिला प्रशासन, पुलिस व आबकारी विभाग ने यहां संयुक्त छापेमारी की। छापेमार टीम को देखते ही कारोबारी खेतों के रास्ते भागने में सफल रहे।

प्रशासन और पुलिस के छूट रहे पसीने

 

वहीं पुलिस ने मौके से 2 लाख लीटर लहन नष्ट कर 1860 लीटर शराब बरामद की है, साथ ही 8 माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। भले ही पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी की हो, लेकिन हकीकत में इस कारोबार को जड़ से उखाड़ फेकने में प्रशासन और पुलिस को पसीने छूट रहे हैं। त्योहारों और चुनावों के मौकों पर मांग बढ़ते ही शातिर माफिया खेत में खड़ी फसलों के बीच जमीन में अंडरग्राउंड बड़े-बड़े सीमेंट के टैंक बनाकर इनमें भंडारण करते हैं। ऐसे ही जमीन और घर के अंदर बने कुछ टैंकों को पुलिस ने ध्वस्त कर हजारों लीटर लहन नष्ट कर शराब बरामद की। वहीं अभी भी जंगलों और खेतों में पुलिस की नजर से दूर माफियाओं के ऐसे कई ठिकाने हैं, जहां पहुंचना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं।

loading...
शेयर करें