पूर्व सीएम अशोक चव्हाण पर आदर्श घोटाले में चलेगा केस

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महाराष्ट्र। आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। राज्यपाल विद्यासागर राव ने पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दे दी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में महाराष्ट्र के राज्यपाल को दो बार खत लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी।

अशोक चव्हाण

अशोक चव्हाण की नई मुश्किल

आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले में सीबीआई के अलावा राज्य मंत्रिमंडल ने भी प्रस्ताव भेजकर राज्यपाल से यह सिफारिश की थी। राज्यपाल विद्यासागर राव ने अब अशोक चव्हाण के खिलाफ कार्रवाई को अनुमति दे दी है। इससे पहले कांग्रेस की सरकार के समय तत्कालीन गवर्नर के शंकरनारायणन ने इस मामले में सीबीआई को अनुमति देने से इंकार कर दिया था। सीबीआई की चार्जशीट में अशोक चव्हाण समेत 13 लोगों के नाम शामिल हैं। अशोक चव्हाण फिलहाल महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और पार्टी के सांसद हैं। 

आदर्श घोटाला : कब क्या हुआ

  • जुलाई 1999 : आदर्श सोसाइटी ने कोलाबा क्षेत्र में भूमि के लिए सरकार से सम्पर्क किया।
  • नौ जुलाई 1999 : सरकारी प्रस्ताव के तहत सोसायटी को प्लाट आवंटित किया गया।
  • चार अक्टूबर 2004 : मुंबई के जिलाधिकारी ने भूमि का कब्जा सोसायटी को सौंपा।
  • 27 अक्टूबर 2009 : पश्चिमी नौसेना कमान को-ऑपरेटिव के उपपंजीयक से सोसायटी की विस्तृत जानकारी माँगी।
  • 16 सितंबर 2010 : आदर्श सोसायटी एमएमआरडीए से कब्जा प्रमाणपत्र मिला।
  • 25 अक्टूबर 2010 : नौसेना ने इस बात की पुष्टि की कि उसने सुरक्षा कारणों से आदर्श सोसायटी पर विरोध जताया है।
  • 28 अक्टूबर 2010 : मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री की सास और अन्य रिश्तेदारों के सोसायटी में फ्लैट हैं।
  • 31 अक्टूबर 2010 : बृहन्मुम्बई बिजली आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) ने कब्जा प्रमाणपत्र माँगते हुए नोटिस जारी किया।
  • तीन नवंबर 2010 : एमएमआरडीए ने आदर्श सोसायटी का कब्जा प्रमाणपत्र रद्द किया। बेस्ट ने सोसायटी की विद्युत आपूर्ति जबकि बीएमसी ने पानी की आपूर्ति बंद की। आदर्श सोसायटी ने कहा कि वह उच्च न्यायालय जाएगा।
  • नौ नवम्बर 2010 : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का इस्तीफा मंजूर।
  • 11 नवम्बर 2010 : पृथ्वीराज चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।
  • 22 नवम्बर 2010 : आदर्श सोसायटी कब्जा प्रमाणपत्र रद्द करने तथा पानी और बिजली आपूर्ति काटे जाने के विरुद्ध उच्च न्यायालय पहुँचा।
  • 21 दिसम्बर 2010 : उच्च न्यायालय ने कहा कि यह सीधे-सीधे धोखेबाजी का मामला है।
  • 23 दिसम्बर 2010 : उच्च न्यायालय आदर्श सोसायटी को अंतरिम राहत देने से इनकार करने के साथ ही मामले की सुनवाई एक महीने के लिए स्थगित की।
  • 16 जनवरी 2011 : केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सिफारिश की कि इमारत को तीन महीने के अंदर गिरा दिया जाए।
  • 13 अप्रैल 2012 : अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई।
  • 17 अप्रैल 2012 : कार्रवाई रिपोर्ट सदन में रखी गई थी।
  • 18 अप्रैल 2013 : आयोग की जाँच रिपोर्ट को राज्य सरकार को सौंपा गया।
  • दिसम्बर 2013 : विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन रिपोर्ट को सरकार ने सदन में रखा।
  • 01 जनवरी 2014 : बहुत दबाव के बाद महाराष्ट्र सरकार ने रपट को आंशिक रूप से स्वीकार किया।
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