अष्टधातु की मूर्ति चोरी होने पर कृष्ण रह गए अकेले

कानपुर। कलयुग में चोरों का आतंक इस कदर हावी हो गया कि अब वे भगवान की मूर्तियों को भी नहीं छोड़ रहे है। ऐसी ही एक घटना हुई घाटमपुर क्षेत्र के स्योंढारी गांव में । यहां पर स्थित प्राचीन राधा कृष्ण मन्दिर से चोर राधा की अष्टधातु की मूर्ति चोरी कर ले गए। जिससे अब मन्दिर में भगवान् कृष्ण अकेले ही बचे हैं। गांव निवासी उपेन्द्र सिंह सचान के पूर्वज दनकी लाल ने करीब सौ साल पहले मन्दिर बनवाया था। इसमें राधा कृष्ण की 10-10 किलो की अष्टधातु की मूर्तियां स्थापित की गई थीं। मन्दिर में कोई पुजारी इस समय न होने से चोरों को मौका मिल गया। उन्होंने मन्दिर में लगे ताले तोड़कर राधा जी की मूर्ति चोरी कर ली। सुबह जब गांव वालों को जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।

 अष्टधातु की मूर्ति

अष्टधातु की मूर्ति चोरी  बना पहेली

 

बताया जा रहा है कि मन्दिर में कोई सुरक्षा के लिए भी नहीं मौजूद था। मंदिर पूरी तरह से खाली होने के बावजूद केवल राधा जी की ही मूर्ति चोरी होने को लेकर गांव वाले अचरज में हैं। लोगों का कहना है कि चोरों के पास मौका था फिर भी केवल राधा की मूर्ति चोरी हुई है। ये बात किसी को समझ में नहीं आ रही है। वहीं थानेदार का कहना है कि घटना में किसी करीबी का ही हाथ होने का अंदेशा है।

चोरों को नहीं ढूंढ पाती है पुलिस

 

वहीं गांव वालों के द्वारा बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अष्टधातु की मूर्ति चोरी की यह पहली घटना है। इसके पहले घाटमपुर स्थित कुष्मांडा देवी मन्दिर से चोरी गई राधा कृष्ण की मूर्ति चोरी हो गई ती। जिसका पुलिस आज तक  सुराग नहीं लगा सकी है। वहीँ पतारा के बैजनाथ मन्दिर से चोरी हुए अष्टधातु के कलश और त्रिशूल भी पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। किसी के समझ में नहीं आ रहा है कि मंदिर से मूर्तियां कहां जा रही हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button