जलीकट्टू वाले बयान पर सुब्रमण्यम स्वामी का पलटवार, कहा लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं ओवैसी

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नई दिल्ली। AIMIM से सासंद असदुद्दीन ओवैसी के ट्रपल तलाक और जलीकट्टू वाले बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने निशाना साधा है। स्वानी ने कहा कि परंपरा को बचाने के लिए संविधान का हवाला देने वाले ओवैसी जानते होंगे कि उसी संविधान में हमारे मूलभूत अधिकारों पर भी अंकुश लगने जैसा प्रावधान है।

असदुद्दीन ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी को कानून सिखा रहे स्वामी!

स्वामी ने ओवैसी से चुटकी लेते हुए कहा कि वैसे तो असदुद्दीन ओवैसी पढ़े लिखे व्यक्ति हैं लेकिन वो कई बातों को दबा देते हैं, जिनको दबाना नहीं चाहिए। दरअसल वो लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए कुछ बातों को दबा देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि संविधान के मुताबिक हमारे मूलभूत अधिकारों पर भी अंकुश लग सकता है। ये हमारे आर्टिकल 25 और 30 में लिखा है. इतना ही नहीं आर्टिकल 14 में संविधान सबको समान अधिकार देने की बात भी करता है।

तीन बार तलाक कहने से तलाक नहीं हो सकता है। ये मानव अधिकार के विरुद्ध है इतना ही नहीं ये मुस्लिम महिलाओं का अपमान भी है। स्वामी ने जलीकट्टू का समर्थन करने और मोदी सरकार पर हमला करे को लेकर असदुद्दीन ओवैसी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जलीकट्टू पर प्रतिबंध लगा यूपीए सरकार के कारण क्योंकि उन्होंने जलीकट्टू पर बैन लगाया था।

हमारी सरकार ने बैन को ख़त्म कर दिया उसके बाद एक प्रस्ताव तमिलनाडु सरकार ने पास किया। फिर उन्होंने ट्रिपल तलाक के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि महिलाओं का अधिकार कोई छीन नहीं सकता। उन्होंने आगे कहा कि समान नागरिक संहिता तो हम लागू करेंगे। इस पर किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि ओवैसी ने ट्रिपल तलाक़ के मामले में महिलाओं का बहुत बड़ा अपमान किया है।

मुरली मनोहर जोशी को मिले पद्म विभूषण पर सवाल उठाने वाले ओवैसी को मुंहतोड़ जवाब देते हुए स्वामी ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि जोशी जी को ये सम्मान गलत दिया गया तो वो कोर्ट जा सकते हैं लेकिन जब इस तरह सम्मान दिये जाते हैं तो इससे पहले क़ानूनी सलाह ली जाती है शायद ये बात ओवैसी को पता नहीं है।

 

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