15 साल तक दुश्मनों की नाक में दम करने वाला आईएनएस विराट आज हो रहा रिटायर

मुंबई/नई दिल्ली। करीब 30 साल देश की समुद्री-सीमाओं की रखवाली करने के बाद भारतीय नौसेना का विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विराट सोमवार को रिटायर हो रहा है। मुंबई में एक पारंपरिक सैन्य समारोह में विराट को विदाई दी जायेगी।

आईएनएस विराट

15 साल तक दुश्‍मनों पर आईएनएस विराट ने रखी नजर

करीब 15 साल तक विराट ने अकेले भारत के दोनों समुद्री तट- पूर्व और पश्चिम तट- के साथ साथ अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक अकेले ही दुश्मनों की नापाक हरकतों पर ही नजर ना रखी बल्कि किसी को पास भी नहीं फटकने दिया। नौसेना का एक एयरक्राफ्ट कैरियर, ‘विक्रांत’ करीब 18 साल पहले रिटायर हो गया था। जबकि रशिया से दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर, ‘विक्रमादित्य’ नौसेना के जंगी बेड़े में 2014 में शामिल हुआ।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

विराट को भी भारत ने 1987 में ब्रिटिश रॉयल नेवी से खरीदा था। उस वक्त विराट का नाम ‘एचएमएस हर्मेस’ था और ब्रिटेश नौसेना में 25 साल गुजार चुका था। उसने अर्जंटीना के खिलाफ फॉकलैंड-युद्ध में महत्वपूर्ण हिस्सा लिया था. अब भारत में करीब 30 साल सेवा देने के बाद ‘विराट’ की भी रिटायर हो रहा है। विराट का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे अधिक समय तक सेवा देने के लिए शुमार है।

जानें विराट की ताकत की बारे में

करीब 24 हजार टन वजनी विराट की लंबाई करीब 740 फीट और चौड़ाई करीब 160 फीट थी। उस पर डेढ़ हजार (1500) नौसैनिक तैनात होते थे। विराट पर एक समय में तीन महीने का राशन रखा रहता है क्योंकि विराट एक बार समंदर में निकलता था तो 90 दिन तक बंदरगाह में वापस नहीं लौटता था। उसपर तैनात सी-हैरियर लड़ाकू विमान और सीकिंग हेलीकॉप्टर विराट की ताकत को कई गुना बढ़ा देते थे।

कब खरीदा गया था?

भारत ने आईएनएस ‘विक्रांत’ को ब्रिटेन से 60 के दशक में तब खरीदा था जब वो ब्रिटिश रॉयल-नेवी से रिटायर हो चुका था। भारतीय नौसेना में 30-35 साल काम करने के बाद, विक्रांत को 1998 में रिटायर कर दिया गया। अगले 17 साल यानि 2015 तक वो ऐसे ही मुंबई डॉकयार्ड में खड़ा रहा। जेट्टी पर जगह घेरने के साथ-साथ हर साल नौसेना को 100 करोड़ रुपये उसके रख-रखाव में खर्च करना पड़ रहा था।

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