मोदी सरकार गिराना चाहते थे ISIS के गिरफ्तार आतंकी

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नई दिल्ली। आईएसआईएस के संदिग्धों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उनकी योजना सरकार गिराने की थी। ये वही संदिग्ध हैं जिन्हें एनआईए ने देश के अलग अलग हिस्सों से 26 जनवरी से पहले गिरफ्तार किया है। फिलहाल, इन सभी से पूछताछ की जा रही है।

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आईएसआईएस के नापाक मंसूबे भी जानिए

सूत्रों का कहना है कि जब एनआईए के अधिकारियों ने जब पकड़े गए आईएसआईएस के संदिग्धों से पूछा कि वे सरकार गिराना क्यों चाहते थे। तो उन्होंने जवाब में बताया कि वो यहां इस्लामिक स्टेट का शरीयत कानून लाना चाहते थे। पकड़े गए संदिग्ध अपराधियों को केवल सख्त सजा दिए जाने में विश्वास रखते हैं।

आएसआईएस के संदिग्धों का मानना है कि केवल शरीयत कानून ही अपराधियों को सही सज़ा देता है। उन्होंने एनआईए को बताया कि शरीयत कानून के मुताबिक अपराधियों के हाथ काटे जा रहे हैं। और वे महिलाओं और बच्चों की देखभाल कर रहे हैं।

संदिग्धों ने पूछताछ में एनआईए को बताया कि कोई भी देश उचित शरीयत कानूनों के तहत नहीं चल रहा है। संदिग्धों की योजना भारी मात्रा में हथियार हासिल करने की थी।

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने बताया कि उन्हें इस बात पर पूरा यकीन है कि पुलिस नकारात्मक है। वे इस बात पर विश्वास करते हैं। संदिग्ध बॉलीवुड फिल्मों से प्रभावित हैं। जो पुलिस को हमेशा नकारात्मक रूप में दर्शाती हैं।

गौरतलब है कि देशव्यापी कार्रवाई के तहत एनआईए ने अलग अलग जगहों से दर्जनभर से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जो अब एनआईए के पास रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा आईएस ने देश में हैकर्स को भी हायर करने का प्लान तैयार किया है। इस्लामिक स्टेट का आका चाहते हैं कि भारत सरकार की खुफिया जानकारी उनतक पहुंचे इसके लिए उन्होंने अपने भारतीय हैंडलर्स के जरिए भारी भरकम रकम की भी पेशकश की है।

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