#ISIS पर बड़ा खुलासा : इंटरनेट के जरिए आतंकियों को सिखा रहा बम बनाने के तरीके

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आईएसआईएसनई दिल्‍ली। खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक आईएसआईएस इन दिनों अपने गुर्गों को इंटरनेट के माध्‍यम से बम बनाने के आसान तरीके सिखा रहा है। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियों के हाथ कुछ दस्‍तावेज लगे हैं। इन दस्‍तावेजों में बम बनाने के बेहद आसान से तरीके लिखे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक ये दस्‍तावेज ऑनलाइन कुछ संदिग्‍ध लोगों को भेजे गए हैं।

आईएसआईएस पर बड़ा खुलासा

आपको बता दें कि एक वेबसाइट जस्‍टपेस्‍ट डॉट इट पर बम बनाने के आसा तरीके के बारे में एक दस्‍तावेज पोस्‍ट किया गया। इसमें बताया गया कि घरेलू सामग्री का प्रयोग करके कैसे कोई खतरनाक बम बना सकता है। इन दस्‍तावेजों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली है कि भारत में इस्‍लामिक स्‍टेट के लिए भर्ती का काम देखने वाले युवाओं के साथ ऐसी जानकारी साझा की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, 12 पेज के इस दस्‍तावेज को कई संदिग्‍धों के पास भेजा गया है। एनआईए ने अभी तक गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस सदिंग्‍धों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि इस आतंकी संगठनों के लिए भर्ती करने वाले लोग विशेष कोड के साथ बम बनाने की विधि का ऑनलाइन डॉक्‍यूमेंट भेज रहे हैं। ये लोग मैसेज भेजने के लिए बनाए गए Kik जैसे प्‍लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।

पिछले कुछ महीनों में आईएसआईएस के साथ जुड़ने के मामले में करीब 24 से ज्‍यादा युवाओं को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी एक ही शख्‍स के संपर्क में थे। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह आदमी कर्नाटक के भटकल गांव का रहने वाला शफी अरमार हो सकता है।

वहीं ऑनलाइन बम बनाने के तरीकों के बारे में सिमी एक्‍ट‍िविस्‍ट आलमजेब अफरीदी ने भी खुलासे किए थे। आलमजेब को 28 दिसंबर 2014 को बेंगलुरू में चर्च स्‍ट्रीट पर हुए ब्‍लास्‍ट के मामले में जनवरी 2015 में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने जब आलमजेब से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने भी इसी डॉक्‍यूमेंट की मदद से बम तैयार किया था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आलमजेब को बम बनाने वाला दस्‍तावेज एक अज्ञात शख्‍स ने Kik के जरिए भेजा था।

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