आगरा फोर्ट स्टेशन में आतंकवादियों की खबर से मची सनसनी

आगरा। आगरा फोर्ट स्टेशन परिसर में आज सुबह 11 बजे तीन आतंकवादी घुस गए। जानकारी के मुताबिक इन आतंकवादियों ने लोगों को बंधक बनाने की पूरी कोशिश की लेकिन आगरा फोर्ट स्टेशन पर तैनात गार्ड ने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ ही मोर्चा संभाल लिया। आरपीएफ इन्सपेक्टर बीपी सिंह व जीआरपी इन्सपेक्टर अर्चना सिंह मौके पर पहुंच गए। तीनों आतंकवादियों को बिना किसी कैजुअल्टी के सरेंडर करवा दिया गया। गणतंत्र दिवस पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की मॉक ड्रिल सफल रही।

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आगरा फोर्ट स्टेशन में बिना सुरक्षा के पहुंचे जवान

 

वहीं इस मॉक ड्रिल की जानकारी केवल उच्चाधिकारियों को ही थी और इसलिए जैसे ही सुरक्षा बलों के जवानों को आतंकवादी घटना के मद्देनजर स्टेशन पहुंचने को कहा गया, तो उनके होश उड़ गए। उनमें से कई जवान तो बिना बुलेटप्रूफ जैकेट व हथियारों के ही मोर्चा संभालने पहुंच गए। हालांकि बाद में मॉक डि्रल की जानकारी मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली। उच्चाधिकारियों ने मॉक ड्रिल के मद्देनजर हर किसी का मौके पर पहुंचने का समय नोट किया गया। अब इसके बारे में जवानों को विस्तार से समझाया जाएगा।

धरोहर स्थलों की सुरक्षा बढ़ी

 

पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) देश में केंद्र द्वारा संरक्षित 3,600 से ज्यादा स्मारकों और धरोहर स्थलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। उसने इन स्थलों की हिफाजत में तैनात जवानों से कहा है कि वे अतिरिक्त चौकसी बरतें और हर पल मुस्तैद रहें। एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक शरत शर्मा ने बताया कि हमने देश भर में अपने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं वे यह सुनिश्चित करें कि स्मारकों की सुरक्षा में तैनात जवान हर वक्त मुस्तैद रहें और फिलहाल अतिरिक्त चौकसी बरतें। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत काम करने वाला एएसआई देश के कुछ सबसे पुराने पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाता है। उनमें उत्तर प्रदेश का सारनाथ, बिहार के नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय, कर्नाटक का हम्पी, मुगलों के शासनकाल में बनाए गए ताज महल, लाल किला, हुमायूं का मकबरा, कुतुब मीनार जैसे पुरातात्विक स्थल शामिल हैं।

पैनी नजर रख रहे हैं

 

शर्मा ने कहा कि एएसआई देश के 3,686 स्मारकों और स्थलों का संरक्षण करता है। करीब 1,500 सुरक्षाकर्मी इनकी हिफाजत के लिए तैनात हैं। सभी धरोहर स्थलों में से सिर्फ ताज महल और दिल्ली के लाल किले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं। शर्मा ने कहा कि सीआईएसएफ अपनी इच्छा के मुताबिक सुरक्षा तैनाती में इजाफा कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमें यह सूचना भी नहीं मिली है कि कोई खास स्मारक संवेदनशील है, फिर भी हम पैनी नजर रख रहे हैं।

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