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आगरा में कल के भिखारी बच्चों ने आज रचा इतिहास

student1आगरा। कल तक वो झुग्गी झौंपडी में रहते थे और भीख मांग कर अपनी गुजर बसर करते थे। किताबें और अच्छी जिंदगी क्या है उन्होंने न देखा था न ही सुना था।
लेकिन जब से उन्होंने स्कूल जाने की शुरूआत की है..तब से वे बेहद बदल चुके हैं और हाल ही में संपन्न हुई प्रदेशीय स्कूल ओलंपिक्स मे उनमें से तीन छात्र गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर लाये हैं।

झुग्गी झौंपडी मे रहने वाले बच्चों ने प्रदेशीय स्कूल ओलंपिक्स मे शानदार प्रदर्शन किया और चार गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतकर न सिर्फ खुद का बल्कि अपने परिवार का भी नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर विद यू संस्था ने उनका सम्मान किया।

ये चमचमाते हुए मेडल्स देखकर इनके लिए की गयी मेहनत का अंदाजा लगाया जा सकता है क्योकि ये प्रदेशीय स्कूल ओलंपिक मे जीतकर लाये गये हैं लेकिन जब आप सुनेंगे कि इन्हे कौन जीतकर लाया है तो आपको और भी हैरानी होगी। दरअसल इन चार गोल्ड और दो सिल्वर मेडल्स को जीतने वाले सरकारी प्राईमरी स्कूल मे पढ़ने वाले वे छात्र है जो झुग्गी झौंपडी मे रहते हैं और कल तक भीख मांगने का काम किया करते थे.. लेकिन इन्होने भीख मांगना छोड़कर न सिर्फ पढना शुरू किया बल्कि अब ये प्रदेशीय स्कूल ओलंपिक में गोल्ड और सिल्वर मेडल भी जीतकर लायें हैं।
मेडल जीतने वाले इन छात्रों का नाम है..

शेर अली जो पहले भीख मांगता था लेकिन अब उसने अंड़र 14 वर्ग में 100 मीटर और 200 मीटर में गोल्ड मेडल हासिल किया है। इसी की तरह अजय कुमार ने अंड़र 12 मे 100 और 200 मीटर में दो सिल्वर मेडल जीते हैं और सोहेल ने भी अंडर 12 मे 100 और 200 मीटर में दो गोल्ड हांसिल किये हैं। इन मेडल्स को जीतकर वे बेहद ही उत्साहित हैं और अब अपने अंदर आये इस बदलाव को आगे भी जारी रखने की बात कर रहे हैं।
कल तक अपने बच्चों को भीख मांगने के लिए उकसाने वाले उनके अभिभावक बच्चों के इस तरह से सफल होता देख गर्व महसूस कर रहे है क्योकि अब उनके बच्चों ने उनका नाम रोशन करना शुरू कर दिया है। वे कहते है कि अब वे किसी
भी सूरत मे अपने बच्चों को पुरानी जिंदगी मे नही लौटने देंगे।
झुग्गी झौंपडी मे रहने वाले बच्चों ने जो कारनामा कर दिखाया
है, उससे वे सभी की आंखों के तारे बन गये हैं लिहाजा जब से लोगों को पता चला है कि उन्होंने अपने नाम ये उपलब्धि की है तो सभी उनसे मिलने और उनका सम्मान करने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को विथ यू एनजीओ ने डायट परिसर स्थित परिषदीय विद्यालय मे पहुंच कर बच्चों को गिफ्ट देकर सम्मानित किया
कहते हैं कि इंसान की सोच उसे हमेशा आगे बढ़कर खुद को साबित करने के लिए प्रेरित करती है तभी तो जिन बच्चों ने कल तक ये भी नही सोचा था कि वे कभी स्कूल की शक्ल भी देखेंगे। आज वे न सिर्फ पढ़ रहे हैं बल्कि समाज की मुख्य धारा मे आने के लिए तेजी से कोशिश भी कर रहे हैं क्योंकि जिस
प्रदेशीय ओलंपिक में से ये गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर लायें है वहां जाने के लिए इनके पास न तो जूते थे और न ही कपडे लेकिन नंगे पैर ही इन्होंने प्रतियोगिताओं को जीत कर साबित कर दिया कि इन्हे जरा सा सहारा देकर बुलंदी तक पहुंचाना मुश्किल नही है।

 

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