गांव के झगड़े हल करें, पार्किंग पर वसूली बंद कराएं

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इलाहाबाद। उच्च न्यायालय ने नोएडा के एसएसपी और सीओ को पार्किंग माफियाओं की अवैध पार्किंग और मनमानी वसूली के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

न्यायालय ने दोनों अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा मांगते हुए पूछा है कि नोएडा में कितने ठेकेदारों को पार्किंग का लाइसेंस मिला है। इसके अलावा अवैध तरीके से पार्किंग कराकर फीस वसूली में कितने लोग लगे हैं। कोर्ट ने अवैध पार्किंग बंद करने का निर्देश देते हुए दायर पिटीशन पर चार फरवरी को सुनवाई करने को कहा है।

आदेश

आदेश 69 गांवों का विवाद सुलझाएं

इलाहाबाद और कौशाम्बी जिले के बीच उलझे 69 गांवों के मामले में पीआईएल दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि इलाहाबाद में कुल 69 ग्राम में राजस्व प्रशासन इलाहाबाद का है, लेकिन इन सभी ग्रामों का पुलिस प्रशासन जनपद कौशांबी का है। मांग की गई थी कि इन सभी ग्रामों का राजस्व प्रशासन और पुलिस प्रशासन दोनों किसी भी एक जिला में कर दिया जाए। हाईकोर्ट ने इलाहाबाद मंडल के आयुक्त को आदेश दिया है कि वह दो माह में इस मामले पर विचार कर निर्णय लें। यह आदेश चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड तथा जस्टिस यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने शबनम अफाक की याचिका पर दिया है।

इलाहाबाद की तीन तहसीलों के गांवों को कौशाम्बी जिले में शामिल कर नया जिला बनाया गया। 69 गांव कौशाम्बी में शामिल हुए। बाद में राज्य सरकार की अधिसूचना से छबीलेपुर गांव को कौशाम्बी से इलाहाबाद में शामिल कर लिया गया। इन गांवों को किसी एक जिले के राजस्व व पुलिस प्रशासन के नियंत्रण में देने की बात कही गई है। लेकिन वर्तमान में इन गांवों का राजस्व नियंत्रण इलाहाबाद तथा पुलिस प्रशासन का नियंत्रण कौशाम्बी का है जिससे गांव वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। याचिका में इन सभी गांवों को दोनों में से किसी एक जिले को सौंपने की बात कही गई है।

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