‘आप’ ने कमलनाथ पर बोला बड़ा हमला, शिवराज सिंह चौहान पर भी लगाया गंभीर आरोप

भोपाल| आम आदमी पार्टी (आप) ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष और छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ पर बड़ा हमला बोला है। आप का आरोप है कि राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने कमलनाथ से संबंधित कंपनी एमबी पॉवर लिमिटेड से गैरकानूनी समझौता कर महंगी बिजली खरीदकर तीन वर्षो में राज्य की जनता से 585 करोड़ रुपये लूटे हैं। वहीं, कमलनाथ के कार्यालय ने इस आरोप को नकारा है। आप के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने शुक्रवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के संबंधों का खुलासा किया। उनका आरोप है कि अनूपपुर में बन रहे एमबी पावर लिमिटेड कंपनी की परियोजना से शिवराज सरकार द्वारा गैरकानूनी समझौता किया, जिस कारण महज तीन वर्षो में प्रदेश की जनता को 585 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

कमलनाथ

उन्होंने कहा कि एमबी पवर लिमिटेड कंपनी से राज्य सरकार का पांच जनवरी 2011 में समझौता हुआ। केंद्र सरकार की छह जनवरी 2006 की टैरिफ पॉलिसी के अनुसार, कोई भी समझौता केवल प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के माध्यम से ही हो सकता था। लेकिन राज्य सरकार ने इस नियम का खुला उल्लंघन करते हुए एमबी पवर लिमिटेड के साथ सीधा समझौता किया।

अग्रवाल का आरोप है कि पांच जनवरी, 2011 को समझौता करने वाले मुख्य अभियंता गजरा मेहता उस तारीख को उस पद पर पदस्थ ही नहीं थे। दस्तावेजों से साफ है कि उनकी पदस्थापना 31 जनवरी, 2011 को हुई है।

अग्रवाल का आरोप है कि एनटीपीसी की बिजली दर 3़ 20 रुपये प्रति यूनिट थी, जबकि एमबी पॉवर लिमिटेड से बिजली 2015 से 2018 के दौरान 4़ 70 से 5़ 63 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई, जिससे राज्य की जनता को बिजली महंगी मिली। इससे जनता को 584 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

आप नेता अग्रवाल का आरोप है कि मोजरबियर कंपनी द्वारा विशेष रूप से बनाई गई एमबी पॉवर कंपनी है। मोजरबियर कंपनी में कमलनाथ के जीजा दीपक पुरी चेयरमैन हैं और उनकी बहन नीता पुरी और उनके भांजे रातुल पुरी भी कंपनी में शामिल हैं। रातुल एमबी पॉवर के निदेशक हैं।

मोजरवियर कंपनी में कमलनाथ खुद भी शेयरधारक हैं। कमलनाथ द्वारा चुनाव आयोग को सन् 2014 दिए गए शपथपत्र के अनुसार, कंपनी में उनके 6450 शेयर हैं। इससे स्पष्ट है कि कमलनाथ के परिवार का एमबी पॉवर से सीधा संबंध है और शायद यही कारण है कि कमलनाथ ने पिछले सात साल में कभी इस गैरकानूनी और प्रदेश की जनता को लूटने वाले समझौते का विरोध नहीं किया।

आप ने राज्य में दिल्ली की तरह बिजली के दाम आधा करने की मांग करते हुए कहा कि निजी कंपनियों से किए गए गैरकानूनी समझौते रद्द किए जाएं। साथ ही बढ़े हुए सभी बिजली बिल माफ किए जाएं, अन्यथा आप अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगी।

आप के आरोपों पर कमलनाथ का पक्ष जानने के लिए आईएएनएस ने उनके कार्यालय से संपर्क किया, तो जवाब मिला कि कमलनाथ का मोजरबियर के प्रबंधन और संचालन से किसी तरह का संबंध नहीं है, वे न तो कंपनी के डायरेक्टर हैं और न ही मैनेजर हैं।

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