आम बजट : देश भर में 3000 दवा भंडार खुलेंगे, 80 फीसदी तक सस्ती मिलेंगी दवाएं

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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य ध्यान नौ क्षेत्रों पर है और इनमें शीर्ष पर ग्रामीण विकास है। दवाओं की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार देश भर में 3000 नए जेनरिक दवा भंडार खोलेगी। यह बात केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने आम बजट भाषण के दौरान कही। उन्होंने कहा कि देश भर में, खास तौर से ग्रामीण इलाकों में, जेनरिक दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने 3000 नए जेनरिक दवा भंडार खोलने का फैसला किया है।

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आम बजट : 2000 नए डायलिसिस केंद्र खोले जाएंगे

वित्त मंत्री ने गुर्दे की डायलिसिस प्रक्रिया की अधिक लागत के मद्देनजर राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम शुरू करने की भी घोषण की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत हर जिला अस्पताल में गुर्दे की डायलिसिस की सुविधा होगी ताकि लोगों को महानगरों के खर्चीले अस्पतालों में इसके लिए नहीं जाना पड़े। इस कार्यक्रम के तहत देश भर में कम से कम 2000 नए डायलिसिस केंद्र खोले जाएंगे। केंद्र सरकार की योजना है कि इन मेडिकल स्टोर पर एक हजार से ज्यादा जरूरी दवाएं बेची जाएं। दवाओं के दाम बाजार भाव से 80 फीसदी तक कम रखे जाएंगे ताकि गरीबों, जरूरतमंदों को इसका फायदा मिल सके। पहले ये योजना जिला स्तर पर लागू होगी और हर जिले के अस्पताल में अमृत मेडिकल शॉप खोली जाएगी। इसके बाद ब्लॉक अस्पताल और डिस्पेंसरियों में भी ऐसी ही दुकानें खोली जाएंगी।

इस साल का बजट कुछ खास

जेटली ने कहा कि उनका आम बजट सही मायने में तीन स्तंभों पर आधारित है। विवेकपूर्ण राजकोषीय नीति, घरेलू मांग को बढ़ाना और सुधार करना। उन्होंने कहा कि कृषि, ग्रामीण क्षेत्र, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में अधिक धनराशि आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैंकों का पुनर्पूजीकरण अगले वित्त वर्ष तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकों की सकल गैर उत्पादक संपत्तियों के संदर्भ में अधिक चिंता है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल के बजट के नौ स्तंभों में कृषि, सामाजिक कार्यक्रम, ग्रामीण विकास, कौशल विकास के साथ शिक्षा, बुनियादी ढांचा, वित्तीय सुधार, कारोबार में आसानी के संदर्भ में नीतियों में सुधार, वित्तीय अनुशासन और कर सुधार हैं।

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