आम बजट : नौ सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गांवों का विकास सबसे ऊपर

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आम बजट नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में 2016-17 का आम बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए जेटली ने बताया कि सरकार का मुख्य ध्यान नौ क्षेत्रों पर है और इनमें शीर्ष पर ग्रामीण विकास है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति चमकते सितारे जैसी है।

आम बजट में गांवों को प्राथमिकता

जेटली ने आम बजट पेश करते हुए कहा कि वह ऐसे समय में बजट पेश कर रहा हैं, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट में है। उन्होंने कहा कि इस निराशाजनक दौर में भी भारत ने अपनी चमक बरकरार रखी है और कठिनाइयों को अवसरों में बदला है। उन्होंने कहा कि देश की विकास दर निर्यात घटने के बावजूद 7.5 प्रतिशत रही है। महंगाई घटी है, जिससे लोगों को राहत मिली है। विदेशी मुद्रा भंडार काफी बढ़ा है और भारतीय विकास असाधारण रूप से ऊंचे स्तर पर है।

जेटली ने कहा कि उनका बजट सही मायने में तीन स्तंभों पर आधारित है। विवेकपूर्ण राजकोषीय नीति, घरेलू मांग को बढ़ाना और सुधार करना। उन्होंने कहा कि कृषि, ग्रामीण क्षेत्र, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में अधिक धनराशि आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैंकों का पुर्नपूंजीकरण अगले वित्त वर्ष तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकों की सकल गैर उत्पादक संपत्तियों के संदर्भ में अधिक चिंता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल के आम बजट के नौ स्तंभों में कृषि, सामाजिक कार्यक्रम, ग्रामीण विकास, कौशल विकास के साथ शिक्षा, बुनियादी ढांचा, वित्तीय सुधार, कारोबार में आसानी के संदर्भ में नीतियों में सुधार, वित्तीय अनुशासन और कर सुधार हैं। जेटली ने कहा कि डॉ.बी.आर.अंबेडकर की जन्मशती के अवसर पर एकीकृत कृषि मंच राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 2015-16 में 8.5 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य रखा था। इसे अगले वित्त वर्ष के लिए बढ़ाकर नौ लाख करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़क विकास कार्यक्रम के लिए 19,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास के लिए कुल 87,765 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जेटली ने कहा कि सरकार ने अगले वित्त वर्ष में कृषि के लिए 35,984 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अलावा रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत खर्च बढ़ाकर 38,500 करोड़ रुपये किया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता फैलाने की जरूरत है। इसके अलावा, ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए 8,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका उद्देश्य एक मई 2018 तक 100 प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण है।

जेटली ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए 35,984 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा सरकार की मंशा पांच वर्षो में सरकार की आय दोगुना करने की है। उन्होंने कहा कि सरकार देश में सभी घरों तक रसोई गैस की पहुंच सुनिश्चित करना चाहती है। इस संदर्भ में सरकार स्वेच्छा से रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने वाले 75 लाख मध्यवर्गीय एवं निम्न मध्यवर्गीय परिवारों की प्रशंसा करती है। जेटली ने स्वास्थ्य क्षेत्र के बारे में कहा कि एक नई योजना शुरू की जा रही है जिसमें प्रत्येक परिवार को एक लाख रुपये तक का कवर दिया जाएगा।

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