आम बजट 2016 पर विशेषज्ञों-राजनीतिज्ञों की राय

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट 2016 पर विशेषज्ञों और राजनीतिज्ञों की राय अलग-अलग थी। ल‍ेकिन किसी ने भी इसका तीखा विरोध नहीं किया। उल्टे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने तो यहां तक कह दिया कि इस बजट ने विपक्ष के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। दरअसल, किसानों पर फाेकस इस बजट का विरोध कोई भी सीधे तौर पर नहीं कर पा रहा है। जानिए बजट पर विशेषज्ञों और राजनीतिज्ञों की राय :-

आम बजट 2016

आम बजट 2016 पर टॉप नौ टिप्पणियां

 

किसी भी आम आदमी या गरीब आदमी से पूछिए। अपने घर का उनका एक सपना है और उस सपने को पूरा करने में सरकार उनकी मदद करेगी। इस आम बजट 2016 से आवास क्षेत्र मजबूत होगा और सबको आवास का हमारा सपना पूरा होगा। आम बजट कृषि, किसान, महिला व ग्रामीण इलाकों पर केंद्रित है। बजट सभी गांवों में बिजली की सुविधा पहुंचाना सुनिश्चित करता है, इस प्रकार यह ग्रामीण बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करता है।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

पांच साल में किसानों की आय दोगुनी करना संभव नहीं है, जिसकी घोषणा सरकार ने की है। आम बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई है, सिवाय एक के जिसका जिक्र रविवार को प्रधानमंत्री ने खुद किया था कि सरकार अगले पांच साल में किसानों की आय दोगुनी करना चाहती है। मेरे खयाल से यह असंभव लक्ष्य है। सरकार नहीं बता सकती है कि यह कैसे हासिल होगा, क्योंकि इसका मतलब यह है कि अगले पांच साल में से प्रत्येक साल कृषि क्षेत्र की विकास दर 14 फीसदी रखनी होगी।

मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री और प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री

यदि आम बजट 2016 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वार्षिक परीक्षा की तरह थे, तो वह निश्चित तौर पर इसमें पूरे अंकों से पास हुए। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जो बजट पेश किया उसने सरकार को हमारे देश के आर्थिक आधार को गहरा करने और बुनियादी सुविधाओं के नेटवर्क को व्यापक करने का एक अवसर दिया है। बजट किसानों, गरीबों और सुधारों के पक्ष में है। यह इस सरकार की प्राथमिकताओं और मोदी के नजरिये का खाका है। भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को सुरक्षित आय मुहैया कराने को इस साल के बजट में प्राथमिकता दी गई है।

राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री

 

इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन लोगों को कुछ नहीं मिला। वित्तमंत्री ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात की है। उनका कार्यकाल 2019 तक का ही है। ऐसे में वह किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। बजट में एक साल की चुनौतियों और योजनाओं का जिक्र नहीं है, बल्कि 2022 के वादे किए गए हैं। चुनाव के समय जो वादा किया गया था, उसे पूरा करने की कहीं कोई चर्चा नहीं है। अब मोदी सरकार किसानों से झूठा वादा कर रही है कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी कर देंगे। बजट के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार पूरी तरह विफल हो गई। ‘मेक इन इंडिया’ में कितना निवेश हुआ, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई है। किसानों की आमदनी कैसे बढ़ेगी, इसकी भी चर्चा नहीं की गई है।

लालू प्रसाद, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष

वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया गया बजट ‘ऐतिहासिक’ है। इतिहास में पहली बार सड़कों के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये से भी अधिक राशि आवंटित की गई है। यह ऐतिहासिक क्षण है।

नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री

आम बजट 2016 में आत्महत्या कर रहे किसानों के लिए कुछ नहीं है। किसान कर्ज में डूबे हैं। सम्पन्न उद्यमियों का ऋण माफ कर दिया गया है, लेकिन किसानों का नहीं। केवल जेनेरिक दवाओं की दुकानें खोलने से कुछ नहीं होगा। हर गांव में मुफ्त इलाज के लिए दवाखाने खोले जाने चाहिए। बजट में मध्यवर्ग के साथ भी धोखा हुआ है। बजट में मध्यवर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। मोदी सरकार ने मध्यवर्ग के साथ धोखा किया है। भाजपा ने प्रवर्तन के जरिए काला धन वापस लाने की शपथ ली थी, क्षमा योजनाओं के जरिए नहीं। पी चिदंबरम ने भी यही किया था। फिर फर्क क्या है?

अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री 

मेरा मानना है कि मध्य वर्ग के लोगों को आम बजट 2016 में और राहत मिलनी चाहिए थी। देश की करीब एक अरब तीस करोड़ अबादी में बहुमत मध्य वर्ग के लोगों का ही है।

कमलनाथ, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री 

यह देश के अमीरों पर बहुत अधिक केंद्रित नहीं है, जिसके कारण विपक्ष का काम ‘थोड़ा मुश्किल’ हो गया है। अरुण जेटली ने केंद्रीय बजट में सूट-बूट वाले लोगों के हितों पर बहुत ध्यान नहीं देते हुए चालाकी का काम किया है, जिससे विपक्ष का काम ‘थोड़ा मुश्किल’ हो गया है।

उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री, जम्मू एवं कश्मीर

मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को धन्यवाद और बधाई देना चाहता हूं। आम बजट में किसानों, गरीबों और ग्रामीण भारत को केंद्र में रखा गया है। इस बजट से गरीबों और किसानों को विकास की मुख्यधारा में लाने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।

अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष 

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