आयकर विभाग ने बदली रणनीति, बैंकों के छूटे पसीने

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देहरादून। पीएम मोदी के पुराने नोट बंद करने वाले फैसले से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने नोटबंदी का आज 29वां दिन है। पैसे के लिए बैंक के बाहर लंबी कतार लगी हुई है। वहीं अब बैंकों को भी नोटिस भेजा गया है।

नोटबंदी

नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने बदली रणनीति

नोटबंदी के बाद कालाधन खपाने के लिए लोगों के तरह-तरह के जतन को देखते हुए आयकर विभाग ने भी अपनी रणनीति बदल दी है। शुरुआत में यह स्पष्ट किया गया था कि बचत खाते में 2.5 लाख तक और चालू खाते में 12.5 लाख रुपये तक की जमा राशि जांच के दायरे से बाहर है।

दून में अब आयकर विभाग ने बैंकों को खातों की जानकारी देने के लिए जो नोटिस जारी किए हैं, उसमें साफ लिखा है कि जिन बचत, चालू व जनधन खातों में आठ नवंबर के बाद 50 हजार रुपये से अधिक की राशि जमा की गई है, उन सभी की जानकारी मुहैया कराई जाए।

अब तक विभाग को 40 हजार के करीब खातों की जानकारी मिल चुकी हैं। खातों की जानकारी देने वालों में प्रमुख रूप से नैनीताल बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया आदि शामिल हैं। सर्वाधिक खाता संख्या वाले एसबीआइ, पीएनबी की जानकारी विभाग को मिलनी अभी शेष है। इनसे बातचीत में कहा गया है कि इन बैंकों की सूचनाएं उच्च स्तर पर रोजाना संकलित होती हैं और कुछ दिन बाद वहीं से जानकारी आयकर विभाग को भेजी जाएगी।

खातों की जांच करना आसान नहीं

आयकर विभाग को लाखों खातों की जानकारी प्राप्त होनी है। ऐसे में एक-एक खाते की जांच करना आसान काम नहीं। इसकी दुश्वारियां भी सामने आने लगी हैं। दरअसल, बैंक आयकर विभाग को खाता की प्रकृति, नाम व जमा राशि की ही जानकारी दे रहे हैं। जबकि ऐसे खाते भी हैं, जिन पर पैन नहीं है। यदि इन खातों की जांच की जानी है तो आयकर कार्मिक को बैंक में जाकर पड़ताल करनी पड़ रही है। बड़ी संख्या में ऐसे खाते भी हैं, जिनमें सामान्य से अधिक रकम जमा की गई है, लेकिन वजह जायज रकम है। ऐसे केस को जांच के दायरे में लेने या न लेने के लिए भी बैंक का दरवाजा दोबारा खटखटाना पड़ेगा।

 

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