मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ब्याज दरों पर फैसला : आरबीआई

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मुंबई| नवगठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) आगामी चार अक्टूबर को जारी की जानेवाली चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की पहली बार सिफारिश देगी। इसके लिए समिति की तीन और चार अक्टूबर को बैठक होनेवाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आरबीआई ने एक बयान जारी कर बताया, “मौद्रिक नीति समिति तीन और चार अक्टूबर को बैठक कर आगामी मौद्रिक नीति की समीक्षा करेगी। एमपीसी का प्रस्ताव चार अक्टूबर को दोपहर 2.30 बजे वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा।”

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आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल इस समिति की अध्यक्षता करेंगे

केंद्र सरकार ने गुरुवार को मौद्रिक नीति गठन को अधिसूचित किया। इस समिति में देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों के तीन विद्वानों को सरकार ने समिति के सदस्य के रूप में नामित किया। समिति को सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से कहा गया है कि खुदरा मुद्रास्फीति को चार फीसदी (दो फीसदी कम या ज्यादा) तक काबू में रखना है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा जिन नामों को मंजूरी दी गई, उनमें भारतीय सांख्यिकी संस्थान के प्रोफेसर चेतन घाटे, दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स के निदेशक पामी दुआ और भारतीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद के प्रोफेसर रविंद्र ढोलकिया शामिल हैं।

मौद्रिक नीति समिति का गठन केंद्र सरकार ने किया है, जिसका कार्यकाल चार सालों का होगा।

आरबीआई ने इस छह सदस्यीय समिति में अपने तीन प्रतिनिधियों को शामिल किया है, जिसमें आरबीआई के गर्वनर, जो कि वर्तमान में उर्जित पटेल हैं। वे इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। डिप्टी गर्वनर आर. गांधी और कार्यकारी निदेशक मिशेल पात्रा शामिल हैं।

वित्त अधिनियम 2016 के द्वारा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1934 (आरबीआई अधिनियम) में संशोधन किया गया, ताकि मौद्रिक नीति समिति को वैधानिक और संस्थागत ढांचा प्रदान किया जा सके।

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