अगर आपने भी जमीनों पर कब्जे किये हैं या बेनामी संपत्ति है तो पढ़ लीजिये ये खबर

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने अपने पुलिस बल में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) बनाने का फैसला किया है। इसका काम मुख्य रूप से जमीन हड़पने और बेनामी संपत्ति के मामलों की जांच करना होगा। यह जानकारी एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी। अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुवार को इस आशय का फैसला किया गया।

आर्थिक अपराध शाखा

कैबिनेट में हुआ आर्थिक अपराध शाखा पर फैसला

राज्य में राष्ट्रपति शासन समाप्त करने और कांग्रेस सरकार के बहाल होने के बाद मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक थी।

इसलिए पड़ी आर्थिक अपराध शाखा की जरूरत

पुलिस बल में आर्थिक अपराध शाखा बनाने का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि नौ कांग्रेस विधायकों के बागी होने से राज्य में राजनीतिक संकट उत्पन्न होने के तुरंत बाद हरीश रावत ने बागी नेता हरक सिंह रावत पर बड़े पैमाने पर जमीन हथियाने का आरोप लगाया था।

बागी हरक सिंह रावत पर लगा आरोप

हरीश रावत ने हरक सिंह पर यह भी आरोप लगाया था कि वह कुछ ऐसे विधेयकों को विफल करने की कोशिश कर रहे थे जिनसे उनके व्यापारिक हितों की क्षति हो रही थी।

सीएम कर रहे विरोधियों से निपटने की कोशिश

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का यहां मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम पार्टी के अंदर और बाहर अपने प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों से निपटने की उनकी कोशिश है।

बीजेपी नेता का बयान

भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह एक लोक लुभावन पहल है जिसे भ्रष्टाचार विरोधी पहल कहा जाएगा। लेकिन, मैं आश्वस्त हूं कि कई लोग इसे साफ तौर पर राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम पाएंगे।

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