आसाराम पर फैसला आने से पहले प्रशासन ने कसी कमर, धारा-144 लागू

जोधपुर| जेल की हवा खा रहे विवादित धर्मगुरु आसाराम पर चल रहे दुष्कर्म के एक मामले में बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट फैसला सुनाने वाली है। इस फैसले के सुनाए जाने से पहले किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर प्रशासन पहले से सचेत दिखाई दे रहा है। सोमवार को प्रशासन ने सुरक्षा चुस्त कर दी गई।

आसाराम

राजस्थान उच्च न्यायालय ने 17 अप्रैल को जोधपुर की निचली अदालत को जेल परिसर के भीतर अपना फैसला सुनाए जाने का आदेश दिया था। जोधपुर के पुलिस आयुक्त अशोक राठौर ने कहा कि शहर में धारा 144 लागू की गई है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमें खुशी है कि अदालत ने जेल परिसर के भीतर फैसला सुनाए जाने के हमारे आग्रह को स्वीकार किया।

पुलिस आसाराम के समर्थकों के फैसले से पहले या फैसले के दिन जोधपुर पहुंचने की योजना की सूचना के बाद से पड़ोसी राज्यों से भी सहयोग मांग रही है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत हुई तो अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की एक नाबालिग लड़की द्वारा कथित तौर पर आसाराम पर जोधपुर के बाहरी इलाके में स्थित अपने आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद उन्हें 2013 में गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद उन्हें इंदौर से लाया गया और जोधपुर केंद्रीय कारागार में रखा गया। तब से आसाराम के समर्थकों व पुलिस के बीच कई बार झड़पें हुईं हैं। आसाराम अगर दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें अधिकतम 10 साल कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

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