इंटरनेट सर्विस पर राज्य सरकार की शक्तियां बरकरार

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नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें राज्य सरकार के इंटरनेट सर्विस को रोकने के अधिकार को वापस लेने को कहा गया था।

इंटरनेट सर्विस

इंटरनेट सर्विस पर दाखिल हुई थी पीआईएल

सुप्रीम कोर्ट में इंटरनेट सर्विस को लेकर एक पीआईएल दाखिल की गई थी। जिसमें राज्य सरकार के इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के अधिकार को सीआरपीसी की टेलीग्राफ एक्ट की धारा 144 और 5 के तहत चुनौती दी गई थी।

इंटरनेट सर्विस को पूरी तरह बंद करना गलत
याचिका में कहा गया था कि इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि इसके इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने में कोई हर्ज नहीं है।

पाटीदार आंदोलन थी मुख्य वजह
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में गुजरात के पाटीदार आंदोलन का भी उल्लेख किया गया है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था लागू करने के लिए इस तरह के कदम उठाए जाना कभी-कभी जरूरी हो जाता है।

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