इंटरनेशनल कोर्ट ने पाकिस्तान को दिखाई उसकी औकात, जाधव की फांसी पर रोक

नई दिल्ली। भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ने पाकिस्तान की दलीलों को नकारते हुए अंतिम फैसले तक जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि पाकिस्तान फैसला आने तक जाधव के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

कुलभूषण जाधव

कुलभूषण जाधव को मिलना चाहिए था काउंसलर एक्सेस

जाधव मामले में फैसला सुनाते हुए जस्टिस अब्राहम ने कहा कि भारत और पाकिस्तान वियना संधि के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जाधव को काउंसलर एक्सेस मिलना चाहिए। आईसीजे ने कहा है कि भारत की मांग वियना संधि के तहत सही है और उसे अपने नागरिक की कानूनी मदद का अधिकार है। आईसीजे ने कहा है कि कोर्ट चाहता है कि पाकिस्तान अपनी तरफ से कोई भी ऐसा कदम न उठाए जिसमें दुर्भावना दिखती हो। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि कार्रवाई पूरी होने तक जाधव को फांसी न हो।

ये है पूरा मामला

खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को जासूसी करने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। पाकिस्तान का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से 3 मार्च 2016 को अरेस्ट किया गया था। पाकिस्तान ने जाधव पर बलूचिस्तान में अशांति फैलाने और जासूसी का आरोप लगाया है। वहीं, भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था। इंडियन नेवी से रिटायरमेंट के बाद वे ईरान में बिजनेस कर रहे थे। इसी को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट में भारत की तरफ से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने 8 मई को पिटीशन दायर की थी। भारत ने यह मांग की थी कि भारत के पक्ष की मेरिट जांचने से पहले जाधव की फांसी पर रोक लगाई जाए।

पाकिस्तान ने दी थी ये दलील

पाकिस्तान ने अपनी दलील में कहा था कुलभूषण जाधव के मामले को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में लाने का भारत को अधिकार नहीं है। पाक का कहना है कि वियना समझौता जासूसी करने वाले लोगों पर लागू नहीं होता। पाक के वकील खवार कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस साल जनवरी में पाकिस्तान के उस मैसेज का जवाब नहीं दिया, जिसमें इस मामले की जांच में भारत से सहयोग मांगा गया।

वरिष्ठ वकील साल्वे ने की थी पैरवी

भारतीय वकील हरीश साल्वे ने गिरफ्तारी और उसके खिलाफ चार्जशीट दायर करने की कार्रवाई को वियना समझौते का उल्लंघन करार दिया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बनावटी कहानी बनाकर कुलभूषण को अपना बचाव करने के लिए कानून की सहायता से भी दूर रखा। भारतीय वकील साल्वे ने कहा कि 16 मार्च, 2016 को पाकिस्तान ने ईरान से जाधव को अगवा कर उसे भारतीय जासूस के तौर पर पेश किया।

18 साल बाद एक बार फिर भारत-पाक इंटरनेशनल कोर्ट में थे आमने-सामने

इंटरनेशनल कोर्ट में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में दोनों पड़ोसी देश 18 साल बाद आमने-सामने हुए थे। भारत ने पाकिस्तान पर वियना समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है। 10 अगस्त 1999 को इंडियन एयरफोर्स ने गुजरात के कच्छ में पाकिस्तान नेवी का एक एयरक्राफ्ट एटलांटिक को मार गिराया था। इसमें सवार सभी 16 सैनिकों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान का दावा था कि एयरक्राफ्ट को उसके एयरस्पेस में मार गिराया गया। उसने इस मामले में भारत से 6 करोड़ डॉलर मुआवजा मांगा था। आईसीजे की 16 जजों की बेंच ने 21 जून 2000 को पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया।

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