भारत में हर साल हो रही 5 लाख किडनी फेलियोर

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आगरा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और जागरूकता के अभाव में इन्फेक्शन, पथरी और प्रोस्टेट जैसे कारणों से हर साल लगभग 5 लाख भारतीय किडनी फेलियोर के शिकार हो रहे हैं। जबकि लगभग 30 मिलियन भारतीय किडनी सम्बंधित किसी न किसी रोग से पीड़ित हैं। यह कहना था यूएसआई नार्थ जोन के अध्यक्ष डॉ. अनिल वार्ष्णेय का।

इन्फेक्शन

इन्फेक्शन की वजह से किडनी में हो सकती हैं कई समस्याएं

होटल मुगल शेरटन में शुरू हुई यूरोलॉजीकल सोसायटी ऑफ इंडिया नार्थ जोन की वार्षिक कांफ्रेंस का दौरान डॉ. अनिल वार्ष्णेय ने बताया कि प्रोस्टेट जैसी समस्या का शुरुआती स्तर पर ही दवाओं या सर्जरी से इलाज करा लिया जाए तो व्यक्ति की उम्र लगभग 10 वर्ष तक बढ़ सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से ऐसे अन्य और भी कारण है जिन्हें भारतीय नजरअंदाज करते हैं। यही वजह है कि भारतीयों की औसत आयु (66 वर्ष) और जापान की औसत आयु (85 वर्ष) में 19 वर्ष का अंतर है।

उन्होंने बताया कि प्रोस्टेट की मुख्य वजह इन्फेक्शन, इसके आकार का बढ़ जाना और कैंसर होता है। यदि शुरूआती स्तर पर इस समस्या का पता चल जाए तो इसे दवाओं से भी ठीक किया जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्यवश लगभग 8 प्रतिशत लोग किडनी खराब हो जाने की स्थिति में डॉक्टरों से परामर्श के लिए पहुंचते हैं। डॉ. अनिल ने बताया कि 40 के उम्र के बाद पुरुषों को एक बार अपना हेल्थ चेकअप अवश्य कराना चाहिए।

ये हैं प्रोस्टेट के लक्षण

पेशाब की जगह पर जलन, पेशाब में रक्त का आना, पेशाब की धार का कमजोर होना, पेशाब का बूंद-बूंद गिरना।

पेशाब का बार-बार आना।

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यूएसआई अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद ने किया उद्घाटन

कांफ्रेंस का उद्घाटन यूरोलॉजीकल सोसायटी ऑफ इंडिया (यूएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद ने दीप जलाकर किया। इस मौके पर यूएसआई के सचिव डी रमेश, नोर्थ जोन के अध्यक्ष डॉ. अनिल वार्ष्णेय, नार्थ जोन सचिव डॉ. अत्तम मेटे, आर्गनाइजिंग अध्यक्ष डॉ. एमएस एग्रवाल, आर्गनाइजिंग सचिव डॉ. विजय बोरा मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर बीएचयू के प्रो. पीवी सिंह को लाइफ टाइम अचीवमेंट से सम्मानित किया गया।

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पेपर लेस कांफ्रेंस में पेन ड्राइव में मिली सोवीनियर

डॉक्टरों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश देते हुए पेपर लेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। कांफ्रेंस में सोवीनियर का विमोचन भी प्रोजेक्टर के माध्यम से पेन ड्राइव लगाकर किया गया। सभी डेलीगेट्स को सोवीनियर पेन ड्राइव में ही उपलब्ध कराई गई। आयोजक सचिव डॉ. विजय बोरा ने बताया कि हमारा उद्देश्य पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संदेश लोगों तक पहुंचाने का है। पेपर लेस कार्यक्रमों के लिए लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

 पुष्पांजलि में हुए 22 निशुल्क ऑपरेशन

देश के जाने-माने वरिष्ठ डॉक्टरों ने पुष्पांजलि हॉस्पीटल में 22 आपरेशन किए। प्रोस्टेट, किडनी, यूरेटर्स स्टोन, ब्लैडर के जटिल ऑपरेशन शामिल थे। पुष्पांजलि में चलने वाले ऑपरेशन का लाइव टेलीकास्ट होटल मुगल शेरटन में चल रही कांफ्रेंस में किया गया। जहां डेलीगेट्स ने ऑपरेट करने वाले डॉक्टरों से ऑपरेशन से सम्बंधित सलाह भी किए।

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