इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की छात्र संघ अध्यक्ष ऋचा सिंह गिरफ्तार

0

इलाहाबाद। यूनिवर्सिटी में कुलपति का विरोध करने पर छात्र संघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को पुलिस ने साथियों संग गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ऋचा सिंह को कहां ले गई है ये अभी किसी को पता नहीं है। प्रशासन भी इस बात की जानकारी नहीं दे रहा है। छात्र संघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को पुलिस ने क्रमिक अनशन की शुरुवात करने पर गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में होने वाली प्रवेश परीक्षा में ऑनलाइन और ऑफलाइन के विकल्प को लेकर छिड़ी लड़ाई बंद होने का नाम नहीं ले रही है। इसे लेकर स्टूडेंट्स आर- पार की लड़ाई के मूड में हैं। कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्टूडेंट्स ने अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया है। स्टूडेंट्स को छात्रसंघ पदाधिकारियों का भी खुल कर साथ मिल रहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि वे कुलपति कार्यालय पर क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। साथ ही मांगे नहीं माने जाने पर कुलपति को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है।

 इलाहाबाद यूनिवर्सिटी

विश्वविद्यालय प्रशासन का दलील झुठा

ऑफलाइन परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि इसके लिए यूजीसी से निर्देश मिला है जबकि छात्र संघ अध्यक्ष ऋचा सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कहता है कि ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का निर्देश यूजीसी से मिला है जो कि गलत है। यूजीसी से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो जामिया, बीएचयू, जेएनयू सहित किसी विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा नहीं होती। प्रोफेसर वी.पी.सिंह को हटाने की भी निंदा की।

ऋचा सिंह का कहना है कि वीसी प्रो.रतनलाल हांगलू ओएसडी के माध्यम से सारे छात्रसंघ पदाधिकारियों को बर्खास्त करने की धमकी दिला रहे हैं, जिसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि कुलपति तानाशाही रवैया अपना रहे हैं, जो ठीक नहीं है। छात्र संघर्ष के जरिए अपनी मांग पूरी कराएंगे।

रैंकिग सुधार के लिए अहम कदम

यूनिवर्सिटी में यूजी व पीजी के सभी कोर्सेज में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के विरोध में भले ही छात्रसंघ के पदाधिकारी एकजुट हो रहे हैं लेकिन इविवि प्रशासन इसे सुधार की दिशा में उठाया गया अहम कदम बता रहा है। प्रो. बीएन सिंह का कहना है कि ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा पद्धति को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश पर विद्वत परिषद व कार्य परिषद की मंजूरी मिली है। वर्तमान में प्रवेश परीक्षा को समयबद्ध, पारदर्शी व सुचितापूर्ण संचालित कराने के उद्देश्य से ऑनलाइन परीक्षा सशक्त विकल्प है। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा विश्वविद्यालय की रैकिंग में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम है।

loading...
शेयर करें