इलाहाबाद विश्वविद्यालय  को मिल गया स्थाई कुलपति

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haangloo
इलाहाबाद। पूरब के आक्सफोर्ड का बहुप्रतीक्षित अरमान पूरा हो गया।  विश्वविद्यालय को  लम्बे समय बाद स्थाई रूप से वाइस चासंलर मिल गया है।
स्थाई कुलपति के लिये छात्र संघ पदाधिकारी से लेकर कर्मचारी परेशान थे। नव निर्वाचित रिया सिंह इसके लिए मानव संसाधन मंत्री को भी पत्र व्यवहार कर चुकी हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पंश्चिम बंगाल स्थित कल्याणी विश्वविद्यालय नाडिया  के कुलपति  प्रो.रतन लाल हांगलू को कुलपति नियुक्त किया गया। प्रो.रतन लाल हांगलू, हैदराबाद विवि में इतिहास विभाग में भी प्रोफेसर रहने का गौरव प्राप्त है।
मूल रुप से जम्मू कश्मीर निवासी हैं कुलपति
मूलरूप से जम्मू कश्मीर के अनन्तनगर जनपद के हंगलालगंद गांव के रहने वाले प्रो. हांगलू का जन्म 2 जनवरी 1954 को हुआ था। वह कश्मीर यूनिवर्सिटी से स्नातक और परास्नातक करने के बाद जेएनयू दिल्ली से पीएचडी तथा एम. फिल किया।  प्रो. हांगलू देश और विदेश के कई विवि में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति ने पदभार ग्रहण करते ही कहा कि विश्वविद्यालय का इतिहास अत्यन्त गौरवशाली रहा हैं। राजनीति शिक्षा साहित्य, व कला के क्षेत्र में यह अनवरत रुप से चलता रहेगा।   पठन पाठन  विवि की प्राथमिकता में रहा है और आगे भी रहेगा।   जिससे कि छात्रों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलता। उन्होंने कहा की मुझे कुलपति का पद किसी सिफारिश पर नहीं काम पर मिला है। बेहतर काम करके दिखाना होगा। प्रो. हांगलू ने बताया की वे पहले हैदराबाद विवि जायेंगे उन्हें इलाहाबाद विवि कार्यभार ग्रहण करने में कम से कम एक से दो सप्ताह लग जायेंगे नया साल नई उम्मीदों और नये कुलपति के साथ काम करने को कर्मचारी और शिक्षक और साथ ही साथ छात्र भी उत्साहित हैं।
विरासत में मिलेंगी चुनौतियां
विश्वविद्यालय में अराजकता चरम पर है।  छात्र संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच आपसी विवाद से कुलपति को सर्वप्रथम निपटना होगा।   लाइब्रेरी की अव्यवस्था,  शिक्षकों की कमी, शोध कार्य को दुरुस्त करना होगा। रजिस्ट्रार और वित्तअधिकारी परीक्षा नियंत्रक सहित 38 प्रशासनिक पद – के साथ-साथ ग्रुपबी के 14 और ग्रुप सी के 238 पद खाली है। इसके अलावा कई ऐसी समस्याएं हैं जो अपने निराकरण का इंतजार कर रहीं हैं।
 शिक्षकों की भारी कमी
शिक्षकों की कमी की वजह से विश्विद्यालय के हर विभाग में पठन-पाठन बाधित है। विश्विद्यालय छात्र संघ  अघ्यक्षा ऋचा सिंह का कहना हैं कि पिछले दो महीनों में वह एचआरडी मिनिस्टर और राज्यपाल उत्तर प्रदेश सोनिया गांधी को मिलकर स्थाई कुलपति की मांग का मेमोरेण्डम दिया और उसमें सफलता मिली। इनका कहना है कि विवि में रजिस्ट्रार और तमाम खाली पदों को भरने की जरुरत हैं। सकारात्मक अपेक्षाओं के साथ उनकी मांग है कि विवि को मेडिकल फैक्ल्टी मिलें। जिससे की विवि को अपना हॉस्पिटल मिल सकेगा। विवि कैम्पस में फैला अराजक्ता का माहौल सामान्य होगा महिलाओं की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की मांग भी की गयी है।

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