चुनाव से पहले हाईकोर्ट ने अखिलेश सरकार के मंसूबों पर फेरा पानी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक तगड़ा झटका दिया है। दरअसल, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ओबीसी की 17 जातियों को एससी कैटेगरी में शामिल कर वोटबैंक के एक बड़े हिस्से पर अपना जाल फेंका था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगाकर उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया है। दरअसल, मंगलवार को हाईकोर्ट ने इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसले पर तत्काल रोक लगा दी है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अखिलेश सरकार को दिया तगड़ा झटका 

मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव ने कहार-कुम्हार, मांझी, गोंड, प्रजापति, राजभर सहित 17 जातियों को ओबीसी कैटेगरी से एससी कैटेगरी में शामिल करने का आदेश दिया था। गोरखपुर की एक संस्था ने अखिलेश के इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। संस्था ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए इस फैसले को रद्द करने की मांग की थी।

इस याचिका में कहा गया कि सरकार को इस तरह के आदेश देने का अधिकार ही नहीं है। सिर्फ संसद में क़ानून बनाकर ही किसी जाति को एससी कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया इन जातियों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर तुरंत से रोक लगाई जाएं। साथ ही इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को तत्काल सर्कुलर जारी करने का भी आदेश दिया है।

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