खुलासा – ISIS ने लगाई ‘देशद्रोह’ की कीमत 10 हजार डॉलर

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नई दिल्ली। इस्लामिक स्टेट  (ISIS) ने हिन्दुस्तानी हैकर्स को देशद्रोही बनाने की कीमत 10 हजार अमेरिकी डॉलर लगाई है। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने भारत सरकार की बेवसाइट और संवेदनशील डाटा चोरी करने करने के लिए ये चाल चली है।

इस्लामिक स्टेट

इस्लामिक स्टेट प्लान जानिए

अंग्रेजी साइट डेलीमेल के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भारत को घेरने के लिए आईएस की ये अब तक की सबसे बड़ी चाल है। इस्लामिक स्टेट चाहता है कि हैकर्स उसके इशारे पर भारत सरकार के खिलाफ काम करें। एजेंसियों के पास इस बात की जानकारी है कि तमाम लोग चोरी छिपे पिछले 6 महीने से इस मुहिम में हैकर्स को जोड़ने में लगे हैं। पैसे का इतना बड़ा ऑफर देखकर लोग इस ओर जा रहे हैं। साइबर क्राइम के जानकार किसलय चौधरी का मानना है कि आईएस इसके जरिए पूरे देश में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। भारत सरकार का डाटा चोरी करके वो देश में अपनी जड़े मजबूत करना चाहता है।

30 हजार लोग आईएस के संपर्क में

किसलय चौधरी के मुताबिक सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और ट्विटर का इस्तेमाल नौजवानों का ब्रेन वॉश करने के लिए हो रहा है। जो जानकारी मिली है कि उसके हिसाब के देश के 30 हजार से ज्यादा नौजवान आईएस के संपर्क में हैं। और ये ये सभी नौजवान स्काइप, साइलेंट सर्किल, टेलीग्राम और वॉट्एप के जरिए आईएस के सीरियन हैंडलर्स के टच में हैं। सोशल मीडिया पर कई प्रोफाइल्स भारत के खिलाफ जहर फैलाने में इस्तेमाल की जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर लोग दक्षिण भारत, कश्मीर, राजस्थान और महाराष्ट्र के हैं।

संपर्क करने के लिए भारतीय भाषाओं का इस्तेमाल

आतंक को पालने पोसने में लगे इस्लामिक स्टेट के भारतीय हैंडलर्स इनसे संपर्क करने में साइबरस्पेस का इस्तेमाल हिंदी, गुजराती, तमिल, उर्दू में कर रहे हैं। भारत और बांगलादेश के कुछ खास इलाकों में आईएस के नफरत की आग फैलाने के लिए पहले ही बांगला भाषा का प्रयोग किया जाता रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां हाल में इस्लामिक स्टेट से संबंध रखने के इल्ज़ाम में 12 लोगों को देशभर में गिरफ्तार कर चुकी हैं। इनमें से ज्यादातर स्काइप और दूसरी सोशल साइट्स के जरिए आईएस के सीरियन हैंडलर्स के संपर्क में थे। सूत्रों के मुताबिक आईएस के भारतीय हैंडलर्स न केवल आतंक का एजेंडा फैला रहे हैं बल्कि देश के नौजवानों को फंसाने के उन पर और देश में होने वाली साम्प्रदायिक हिंसा पर भी करीबी नज़र रखे हुए हैं। इतना ही नहीं दंगों के दौरान आईएस के ये लोग कुछ खास लोगों को दिशानिर्देश तक दे रहे हैं।

इन हालात को देखते हुए महाराष्ट्र एटीएस ने अबतक 94 बेवसाइट्स को ब्लॉक किया है जो खासतौर पर आईएस के लिए इस्माल हो रही थी। दूसरी तरफ भारत सरकार ने भी इनपर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए सोशल साइट्स की निगरानी शुरू कर दी है।

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