इस योजना के तहत सरकार ने किसानों के खाते में डाले 9000 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए शुरू की गई फसल बीमा योजना के तहत देशभर में अब तक लगभग 14,000 करोड़ रुपये के फसल बीमा के दावे सामने आए हैं, जिनमें से अब तक केवल 9,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा दावों का निपटारा हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हुआ है, जहां लगभग सभी दावों का निपटान किया गया है. आपको बता दें कि पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सभी किसानों के लिए अनिवार्य थी, लेकिन अब यह स्वैच्छिक कर दी गई है. अब अगर किसान बीमा का प्रीमियम बैंक में जमा करेगा तो उसको इस योजना का लाभ मिलेगा अन्यथा नहीं.

रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 जुलाई- अगर आप भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का फायदा उठाना चाहते हैं तो खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2020 है. जो ऋणी किसान बीमा सुविधा नहीं चाहते है वह अंतिम तिथि के 7 दिन पूर्व लिखित रूप से अपनी बैंक शाखा को अवश्य सूचित करें. गैर ऋणी किसान सी एस सी, बैंक, एजेंट अथवा बीमा पोर्टल पर फसल बीमा स्वयं कर सकते हैं.

स्कीम में हुआ ये बड़ा बदलाव- इस वर्ष से किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना स्वैच्छिक कर दी गई है. अगर आसान शब्दों में कहें तो जिन्होंने कर्ज लिया हुआ है. उनके लिए पहले ये अनिवार्य कर दी गई थी. अब ये स्वैच्छिक है. सभी किसानों को फसल बीमा के लिए बैंक में आवेदन करना होगा. जो किसान बैंक में जाकर फसल बीमा कराने का विकल्प देगा उसकी का बीमा प्रीमियम काटा जाएगा.

उसे ही फसल बीमा का लाभ भी मिल सकेगा. इस बीमा योजना में अब पूर्व की भांति सभी केसीसी धारकों का अपने आप से फसल बीमा नहीं होगा और न ही उसका प्रीमियम काटा जाएगा.

इस वर्ष खरीफ के लिए किसान द्वारा फसल बीमा का प्रीमियम बैंक में जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई सुनिश्चित की गई है.

PMFBY में कैसे मिलता है लाभ- बुआई के 10 दिन के अंदर किसान को PMFBY का अप्लीकेशन भरनी होगी. बीमा की रकम का लाभ तभी मिलेगा जब आपकी फसल किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से ही खराब हुई हो. बुवाई से कटाई के बीच खड़ी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों व कीटों से हुए नुकसान की भरपाई. खड़ी फसलों को स्थानीय आपदाओं, ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटने, आकाशीय बिजली से हुए नुकसान की भरपाई. फसल कटाई के बाद अगले 14 दिन तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसलों को बेमौसम चक्रवाती बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से हुई क्षति की स्थिति में व्यक्तिगत आधार पर क्षति का आकलन कर बीमा कंपनी भरपाई करेगी. प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण फसल की बुवाई न कर पाने पर भी लाभ मिलेगा.

कितना देना पड़ता है प्रीमियम
खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है. PMFBY योजना में कॅमर्शियल और बागवानी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा प्रदान करती है. इसमें किसानों को 5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.

फायदा लेने के लिए इन डॉक्यूमेंट की जरूरत – किसान की एक फोटो, आईडी कार्ड, एड्रेस प्रूफ, खेत का,  खसरा नंबर, खेत में फसल का सबूत देना होता है.

किसान क्लेम हेतु बीमा कम्पनी के टोल-फ्री नम्बर 18002005142 या फिर 1800120909090 पर या बीमा कंपनी और कृषि विभाग विशेषज्ञ से सम्पर्क साध सकते हैं. इसके लिए 72 घंटे का समय निर्धारित है. नुकसान होने पर खेतवार नुकसान का आकलन कर भुगतान किया जाता है.

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