मोदी सरकार की नई योजना: पीएफ गिरवी रखकर खरीद सकेंगे सस्ते मकान

नई दिल्ली। मोदी सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए दिल खोलकर काम कर रही है। पहले सातवां वेतन आयोग लागू किया फिर उसके बाद रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाई दी। अब पीएम मोदी की सरकार कर्मियों के लिए ईपीएफओ से सस्‍ते मकान का तोहफा लेकर आई है।

ईपीएफओ से सस्‍ते मकान

चार करोड़ कर्मचारियों को को मिलेगा ईपीएफओ से सस्‍ते मकान का लाभ

अगर मोदी सरकार इस योजना को लागू कर देती है तो करीब चार करोड़ कर्मचारियों को ईपीएफओ से सस्‍ते मकान का लाभ मिलेगा। इस मामले में केंद्रीय भविष्‍य निधि संगठन जल्‍द ही एक रिपोर्ट पेश करने वाला है।

ईपीएफओ से सस्‍ते मकान देने पर चल रहा है काम

श्रम सचिव शंकर अग्रवाल ने कहा कि ईपीएफओ के सदस्यों के लिए आवास योजना पर काम कर रहे हैं। इस योजना के तहत सदस्यों को घर खरीदने के लिए अपने भविष्य निधि कोष को गिरवी रखने की अनुमति होगी।

अगली मीटिंग में होगा फैसला

अग्रवाल ने कहा, हम उन्हें आवास कर्ज पर मासिक किस्तों के भुगतान के लिए भविष्य निधि खातों को जोड़ने की अनुमति देने की भी योजना देंगे। हम ईपीएफओ के न्यासियों की अगली बैठक में मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी देंगे। श्रम मंत्री की अध्यक्षता में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की अगली बैठक अगले महीने होने की उम्मीद है। सीबीटी की अनुमति मिलने पर योजना अंशधारकों के लिए उपलब्ध होगी। इस योजना की चीजों को अभी तैयार किया जाना है, मसलन अंशधारक कितना ऋण लेने के पात्र होंगे और सस्ते मकान में कौन से घर आएंगे।

जबरन नहीं थोपेंगे फैसला

अग्रवाल ने कहा, हम अंशधारकों पर कुछ भी नहीं थोपना चाहते। इसलिए हम उनके लिए जमीन नहीं खरीदेंगे न ही उनके लिए घर बनाएंगे। वे अपने लिए खुले बाजार से घर खरीदने के लिए मुक्त होंगे। पिछले साल ईपीएफओ अंशधारकों के लिए सस्ते घर मुहैया कराने का प्रस्ताव 16 सितंबर को हुई सीबीटी की बैठक में रखा गया था। प्रस्तावित योजना के तहत सदस्य, बैंक-आवास एजेंसी और ईपीएफओ के साथ त्रिपक्षीय समझौता होगा जिसके तहत ईएमआई भुगतान के तौर पर भावी भविष्य निधि योगदान को गिरवी रखा जाएगा।

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