उत्तराखंड में बनेगा देश का पहला ‘ई-गांव’

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ई-गांवदेहरादून। उत्तराखंड में पहला डिजिटल (ई-गांव) बनने जा रहा है। यह डोईवाला ब्लॉक का दूधली गांव होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय में गांव के समाजसेवी की ओर से पत्र भेजा गया। पीएमओ ने मुख्य सचिव को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद पीएमओ ने मुख्य सचिव को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पीएमओ ने मुख्य सचिव को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

ई-गांव योजना में उत्तराखंड हुआ शामिल

गांव के समाज सेवी अजय कुमार ने एक जून में ई-गांव के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा। इसमें कहा गया था कि केंद्र देशभर में डिजिटल इंडिया की मुहिम चला रहा है। इस योजना से उत्तराखंड को भी जोड़ा जाना चाहिए।

ग्रामीणों के मुताबिक अब तक उत्तराखंड के किसी गांव को डिजीटल इंडिया से नहीं जोड़ा गया है। ग्रामीणों के पत्र के बाद पीएमओ की ओर से छह जून को इस संबंध में एक पत्र मुख्य सचिव व सचिव ग्रामीण विकास उत्तराखंड को भेजा गया। जिसमें निर्देशित किया गया कि वह मौके पर जाकर निरीक्षण करें। आवश्यक जांच के बाद राज्य गांव से जुड़ी विभिन्न जानकारियों व संभावनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। इस रिपोर्ट को वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पीएमओ को भेजे।

ई-गांव के लिए की गई मांग

  • सीएससी केंद्र की स्थापना की जाए
  • ई-ग्राम बनाया जाए
  • नेशन ऑप्टिकल फाइबर और मोबाइल कनेक्टिविटी
  • ई-स्मार्ट क्लासेस
  • गांव दूधली में एकमात्र राजकीय इंटर कॉलेज में स्मार्ट क्लास शुरू की जाए
  • डिजीटल साक्षरता
  • ई-लाइब्रेरी की स्थापना करने की मांग की गई है।
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