उत्तराखंड के छह स्थानों पर थी धमाके की योजना

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नयी दिल्ली/देहरादून। रुड़की से गिरफ्तार किये गये चारों आतंकियों की योजना उत्तराखंड में छह स्थानों पर धमाका करने की थी। ये प्लान असफल होने पर इन चारों ने प्लान बी भी तैयार कर रखा था। इसके तहत इनका दूसरा मिशन हरिद्वार अर्द्धकुंभ क्ष्रेत्र में भगदड़ फैलाना था, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग मारे जाएं। इस क्षेत्र में विस्फोट का मकसद खाली ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना ही नहीं था बल्कि वारदात को अंजाम देकर उत्तराखंड समेत पूरे देश में सांप्रदायिक हिंसा फैलाना भी था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खुफिया एजेंसियों से हुई कड़ी पूछताछ में इन चारों ने इस बात का खुलासा किया है।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हरिद्वार समेत पूरा उत्तराखंड आईएस के निशाने पर था। ये खुलासा अखलाकुर्रहमान और उसके मोड्यूल के अन्य सदस्यों ने किया है। अधिकारी ने ये भी बताया कि आतंकियों के कब्जे से करीब दो किलो बारूद बरामद किया गया है। इसके अलावा कुछ वीडियो सीडी भी बरामद हुई हैं, जिनमें बम बनाने के विभिन्न तरीके बताए गए हैं।

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उत्तराखंड में तबाही के लिये फेसबुक से मिल रहे थे निर्देश  

पूछताछ में इस बात की जानकारी भी मिली है कि आतंकी करीब दो किलो बारूद के साथ प्रदेश के आधा दर्जन स्थानों पर तबाही फैलाना चाहते थे। अखलाक से पूछताछ में पता चला कि सीरिया में उसकी आईएस के आका से फेसबुक पर अक्सर बात होती थी। उसके आका ने ही उसे बताया था कि बम धमाकों के लिए विस्फोटक कहां से और कैसे मिलेगा, और नहीं मिलने पर  घर पर विस्फोटक कैसे तैयार किया जा सकेगा। इन लोगों को जब विस्फोटक नहीं मिला तो वैकल्पिक व्यवस्था करके इन्होंने दो किलो विस्फोटक जमा भी कर लिया था।

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माचिस की तीलियों को खुरचकर जमा किया बारूद

मंगलौर क्षेत्र में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी बेहद खतरनाक मंसूबों के साथ आए थे। वे माचिस की तीलियों को खुरच कर बारूद जमा कर रहे थे। इसी बारूद से वे अर्द्धकुंभ को निशाना बनाना चाहते थे। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक अर्द्धकुंभ के चलते कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में हथियारों को लाना ले जाना आसान नहीं था। इसीलिए उच्च शिक्षा ले रहे इन युवाओं ने यह शातिराना तरीका अपनाया। पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे बाजार से माचिस के बड़े-बड़े पैकेट खरीदते थे। क्योंकि माचिस आसानी से कहीं भी उपलब्ध हो जाती है। और किसी को इन्हें खरीदने पर शक भी नहीं होता।

आईएस के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रहमान मोड्यूल का तो पर्दाफाश कर दिया गया है, लेकिन आईएस का ये नेटवर्क काफी बड़ा है और देश के कई स्थानों में हो सकता है। इस मोड्यूल से एक दूसरा मोड्यूल भी जुड़ा हुआ है। दोनों मोड्यूल में करीब आठ से दस सदस्य हैं। जो आईएस के खतरनाक आतंकी बन चुके हैं।

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