उत्तराखंड पुलिस के दरोगा को ठगा

देहरादून। अपने घर का सपना देखना एक उत्तराखंड पुलिस के एक दरोगा को काफी महंगा पड़ गया। फ्लैट दिलाने के नाम पर उत्तराखंड पुलिस के इस दरोगा से तकरीबन सोलह लाख रुपए और करीब पांच लाख के चेक लेकर ठग गायब हो गए। सोमवार को नेहरू कॉलोनी थाने में पीडि़त दरोगा संदीप सिंह ने तहरीर देकर किशन नगर निवासी अजय सिंह और फ्लैट के मालिक पार्क रोड निवासी सिद्धार्थ नेगी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

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उत्तराखंड पुलिस का दरोगा है राजधानी में तैनात

दरअसल उत्तराखंड पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात संदीप कुमार का मोहकमपुर स्थित जीटीएम फारेस्ट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के एफएच 15 में फ्लैट नम्बर 301 के मालिक सिद्धार्थ नेगी से जुलाई 2015 में संपर्क हुआ था। दोनों के बीच फ्लैट की खरीददारी को लेकर बातचीत हुई और नेगी ने किशन नगर निवासी अजय सिंह को मध्यस्थ बनाते हुए संदीप कुमार के साथ सौदा तय करवा दिया। फ्लैट का सौदा सैंतालीस लाख में तय होने के बाद सिद्धार्थ नेगी ने 23 जुलाई 2015 को एडवांस के नाम पर सोलह लाख कैश और करीब पांच लाख के चेक संदीप कुमार से ले लिए।

 
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नेगी ने फ्लैट की रिपेयरिंग का बहाना बनाकर दरोगा को चाबी नहीं सौंपी। कुछ दिन तक इंतजार करने के बाद जब संदीप कुमार ने सिद्धार्थ और अजय सिंह से बात करनी चाही तो दोनों के मोबाइल नम्बर नहीं लगे। एसआई ने खोजबीन की तो पता चला फ्लैट का मालिक सिद्धार्थ नेगी पैसे लेकर गायब हो चुका है। घटना के बाद से एसआई काफी हैरान और परेशान है और सोमवार को उसने नेहरू कॉलोनी थाने में पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई।  बता दें कि संदीप कुमार मौजूदा समय में देहरादून के हरिपुर कलां रायवाला में तैनात है।

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फिलहाल नेहरू थाना पुलिस ने मांमले की जांच शुरु कर दी है। ये पहला मौका नहीं है जब इस प्रकार का मामला सामने आया है। जमीन, मकान और दुकान को लेकर इससे पहले भी ठगी के कई मामले हो चुके हैं। ज्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष पुलिस की कार्रवाई से हताश और निराश होकर कोर्ट की शरण में गये हैं। लेकिन राजधानी में शायद ये पहला ही मामला होगा जिसमें किसी पुलिस अधिकारी के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस अपने ही सहकर्मी के मामले को कितना जल्दी सुलझाती है और क्या कुछ करती है ये देखने लायक होगा।

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