राष्‍ट्रपति शासन हटने के बाद हरीश रावत बोले, ये जनता की जीत है

0

 देहरादून उत्तराखंड से राष्‍ट्रपति शासन हटा दिया गया है। ये फैसला गुरुवार को उत्‍तराखंड हाईकोर्ट ने दिया। जिसके बाद उत्तराखंड के अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनकी पार्टी के लोगों को एक बड़ी राहत मिली है। उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा राज्य में लागू राष्ट्रपति शासन हटाए जाने को यहां के लोगों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को न्याय मिला है। हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।

उत्तराखंड से राष्‍ट्रपति शासन

उत्तराखंड से राष्‍ट्रपति शासन पर लगातार दो दिनों तक सुनवाई हुई

रावत द्वारा दायर की गई याचिका पर लगातार दो दिनों की सुनवाई के बाद अदालत ने फैसले में केंद्र सरकार की सिफारिश पर राज्य में 27 मार्च को लगाया गया उत्तराखंड से राष्‍ट्रपति शासन का आदेश दे दिया। अदालत ने कहा कि किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन अंतिम उपाय के तौर पर ही लगाया जाना चाहिए। अदालत ने संविधान का सम्मान करते हुए उत्तराखंड विधानसभा में 29 अप्रैल को बहुमत सिद्ध कराने का आदेश दे दिया है, जो स्वागत योग्य है। हाईकोर्ट ने इससे पहले बुधवार को कहा था कि राष्‍ट्रपति कोई राजा नहीं हैं। उनका फैसला अंतिम फैसला नहीं है।

रावत ने उत्तराखंड से राष्‍ट्रपति शासन हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार से कहा कि हमें अपनी सहयोग की भावना जारी रखनी चाहिए। मैं अपने सभी सहकर्मियों से आग्रह करता हूं कि जो बीत गया, उसे भुलाकर आगे कदम बढ़ाएं। रावत ने इस राजनीतिक संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े पार्टी के सभी विधायकों को भी धन्यवाद दिया। रावत ने उन नौ बागी कांग्रेस सांसदों पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया, जिनके कारण रावत संकट में पड़े गए।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा

वहीं फैसला देने से पहले उत्‍तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कड़ा सवाल पूछा था। अदालत ने पूछा था कि क्यों नहीं एक हफ्ते के लिए उत्तराखंड से राष्‍ट्रपति शासन हटाकर सरकार बनाने का मौका दे। उत्‍तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त तेवर अपनाते हुए पूछा था कि ‘सरकार प्राइवेट पार्टी है क्या?’ बुधवार को इसी कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति राजा नहीं हैं। वो भी गलत हो सकते हैं। उनके फैसले की भी कोर्ट समीक्षा कर सकता है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया था।

loading...
शेयर करें