उत्तराखंड में आसमान से गिरे पत्थर, चार धाम यात्रा में आई रुकावट

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देहरादून: उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में कही बारिश हो रही है तो कही बादल फट रहें हैं । इसी बीच भूस्खलन की वजह से तीर्थस्थल जाने वाले कई मुख्य मार्ग प्रभावित हुए हैं। पहाड़ों पर भूस्खलन से राजमार्गों पर यात्रा करने में असुविधा हो गई है।

उत्तराखंड

उत्तराखंड में राजमार्ग हुए प्रभावित

उत्तराखंड में बारिश तो घटी है पर बारिश की वजह से हुए भूस्खलन से चार धाम की वार्षिक तीर्थयात्रा लगातार तीसरे दिन भी बाधित रही। वहीँ सड़कों से मलबे हटाने का काम लगातार जारी है। कुछ जगहों जैसे नंदप्रयाग से चमोली तक की सड़क को साफ करना बाकी है।

इसी कारण बद्रीनाथ और रुद्रप्रयाग के बीच कई वाहनों को वैकल्पिक मार्गो से ले जाया गया। ये वही जगह है जहाँ पिछले हफ्ते भारी बारिश के बाद बड़ी संख्या में पहाड़ टूटकर गिरे थे।

राहत कार्य जारी

अधिकारियों की मानें तो सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच केदारनाथ राजमार्ग बंद हो गया था। जहाँ से मलवा साफ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि यमुनोत्री और गंगोत्री राजमार्ग आने जाने के लिए खुले हैं।

चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में बचाव एवं राहत कार्य जारी हैं। इन स्थानों पर बादल फटने से कई गांवों में घर नष्ट हो गए। मलबे से दो और शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।

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