यूपी को रेल बजट ने दिया जोर का झटका

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश को रेल बजट से दिखाने लायक कुछ नहीं मिला है इसीलिए विभिन्न दलों एवं संगठनों ने इसे झुनझुना और निराशाजनक बताया है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने बजट का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। उनके अनुसार यह बजट रेलवे की रीढ़ की हड्डी को प्रदेश में मजबूत करेगा।

उत्तर प्रदेश को रेल बजट

उत्तर प्रदेश को रेल बजट से मिलेगा क्या

रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा बृहस्पतिवार को पेश रेल बजट में उत्तर प्रदेश में नई लाइनों, आमान परिवर्तन, मैट्रो ट्रांसपोर्ट, योजना और रेल विद्युतीकरण के लिए सर्वाधिक 4923 करोड़ आबंटित किया गया है।

उत्तर प्रदेश में 17 नए सर्वे के कामों के लिए भी रेल मंत्री ने धनराशि आबंटित की है। इसके अलावा 26 मार्गों पर नए काम शुरू किए जाने हैं। सूबे में 57 ऊपरगामी और 125 सब-वे भी प्रस्तावित हैं। प्रदेश में 5 रेल खंडों का विद्युतीकरण किया जाएगा जिसमें कल्यानपुर-कासगंज-मथुरा रेल खंड शामिल हैं। चुनार-चोपन, गोरखपुर कैण्ट-कप्तानगंज-वाल्मीकि नगर, नोली-टपरी और ओंढि़हार-जौनपुर प्रमुख हैं। इसके अलावा 9 रेल खंडों का यू.पी. में विद्युतीकरण होगा। जिनमें बरेली-चन्दौसी-हरद्वागंज, चन्दौसी-मुरादाबाद, शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद, फाफामऊ से प्रतापगढ़ प्रमुख है।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने भी रेल बजट उत्तर प्रदेश के लिए बेहद निराशाजनक बताया है। मुरादाबाद में आज रेल बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में शिवपाल यादव ने कहा इस बार बजट में उत्तर प्रदेश की उपेक्षा की गई है।

मुरादाबाद के हिन्दू कॉलेज के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर शिवपाल यादव ने कहा की रेल बजट में कुछ भी खास और नया नहीं है। इस बार बजट से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर कुछ मांग भी की थी। उन्होंने कहा की केंद्र सरकार हमेशा ही उत्तर प्रदेश की उपेक्षा करती रही है और बजट का हमारा हिस्सा भी हमें नहीं दिया गया है इससे यह साफ है की केंद्र की भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश के साथ हमेशा ही पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाती है।

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