उत्तर प्रदेश में CAA के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 15 उपद्रवियों पर लगाया गया गैंगस्टर एक्ट

लखनऊ। पिछले साल यानि वर्ष 2019 में 19 दिसम्बर को राजधानी लखनऊ में जिस तरह सीएए के विरोध में करीब तीन महीने तक प्रदर्शन हुए थे, उस पर योगी सरकार ने काफी सख्त रुख अपनाया है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद एक बार फिर प्रदर्शन और धरने की तैयारियां राजधानी में चलने की आशंका है। ऐसे में सरकार भी इसके लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।

राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान बलवा, तोड़फोड़, आगजनी करने वाले 15 उपद्रवियों के खिलाफ कैसरबाग पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इन उपद्रवियों पर  लगा गैंगस्टर

कैसरबाग़ एसीपी, आईपी सिंह ने बताया कि 15 उपद्रवियों में इरफान, मो शोएब, मो शरीफ, मो आमिर, मो हारून, अब्दुल हमीद, नियाज़ अहमद, मो हामिद, इकबाल अहमद, शहनाज़, मो समीर, मो फैज़ल, मो इकबाल, कफील अहमद और सलीम उर्फ सलीमुद्दीन पर गैंगस्टर लगाया गया है।

287 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

इसी तरह बीते वर्ष लखनऊ के परिवर्तन चौक और पुराने लखनऊ के कुछ इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 287 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसके साथ 12 थानों में 52 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

बता दें कि बलवा, तोड़फोड़, आगजनी, मारपीट, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम व सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में कुल 63 मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इन मामलों में लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ने वाले 18 आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने की तैयारी कर ली गई है। 295 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और 68 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्‍ट के तहत कार्रवाई हुई।

पुलिस ने भी बढ़ाई सक्रियता

43 बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। बीते कुछ दिनों से एक भड़काऊ फेसबुक पोस्ट में लखनऊ में सीएए 2.0 करने की पूरी तैयारी का ज़िक्र था। पोस्ट में लिखा था कि इस बार प्रदर्शन और हिंसक होगा। सोशल मीडिया में इस पोस्ट करने वाले को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सोशल मीडिया सेल के साथ ही पुलिस ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है

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