भाजपा के हाथ आया यूपी में सरकार बनाने का फ़ॉर्मूला, इन तरीकों से मिलेगी सत्ता

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नई दिल्ली| देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अच्छे प्रदर्शन से एक ओर जहां पार्टी का मनोबल बढ़ा है, वहीं अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर पार्टी की नजर है। केंद्र में सत्तारूढ़ यह पार्टी उत्तर प्रदेश में भी असम की कहानी दोहराने का दंभ भर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार) और नागर विमानन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा, “देश में भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है। हम असम में सत्ता पाने में कामयाब रहे, केरल में भी हमने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसी तर्ज पर 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी असम की कहानी दोहराई जाएगी।”

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने को लेकर भाजपा आश्वस्त

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आप इतना आश्वस्त हैं? इस सवाल पर वह कहते हैं, “उत्तर प्रदेश के लोग समाजवादी पार्टी के कुशासन से तंग आ चुके हैं। वह बसपा से पहले ही थक चुके हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है कि यूपी में हमारा जनाधार बढ़ा है और हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सरकार बनाएगी।” असम चुनाव में सर्बानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बताकर भाजपा सत्ता में आ गई। लेकिन क्या पार्टी इसी फॉर्मूले को उत्तर प्रदेश में भी अपनाने जा रही है?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव
डॉ. महेश शर्मा

महेश शर्मा ने कहा, “फॉर्मूले का सवाल ही नहीं उठता। सोनोवाल को जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने बखूबी निभाई। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी जिसे भी जिम्मेदारी देगी, वह भी उतनी ही शिद्दत से निभाएगा। इस पर फैसला पार्टी की 12 सदस्यीय बोर्ड को लेना है।” 26 मई को केंद्र की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवधि में पर्यटन क्षेत्र में कई बेहतरीन योजनाएं पेश की गईं। ई-पर्यटन वीजा को पुरजोर किया गया। और क्या-क्या योजनाएं हैं? डॉ. शर्मा ने आईएएनएस को बताया, “इन दो वर्षो में मोदी सरकार के तहत देश हित में जितनी भी विकास परियोजनाएं शुरू की गईं, वह सबके सामने हैं। पर्यटन क्षेत्र के विकास का पूरा खाका तैयार किया है। देश के पर्यटन उद्योग में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। इसके मद्देनजर विदेशी निवेश को लाने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।”

मंत्री कहते हैं, “दो साल पहले देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1 लाख 23 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर एक लाख 35 लाख करोड़ रुपये हो चुका है।” महेश शर्मा ने आगे कहा, विदेशी नागरिकों की सुरक्षा की दिशा में भी काम किया जा रहा है। एक ओर जहां, स्थानीय लोगों में ‘अतिथि देवो भव’ की भावना जागृत करने की दिशा में काम हो रहा है। वहीं, भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को हवाईअड्डे पर ही ‘भारत में क्या करें, क्या न करें’ जैसे कई एहतियाती कदमों के बारे में जानकारी दी जा रही है। हाल ही में उबेर टैक्सी चालक द्वारा बेल्जियम की महिला से छेड़छाड़ के मामले पर मंत्रालय की गंभीरता दिखी है, भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराए, इसको और क्या कुछ किया जा रहा है?

डॉ. शर्मा कहते हैं, “यकीनन, इस तरह की घटनाओं से देश की छवि धूमिल हो रही है। इस दिशा में विशेष काम तो किया ही जा रहा है।” पेशे से चिकित्सक की भूमिका भी निभाने वाले डॉ. महेश शर्मा ने अतुल्य भारत के ब्रांड एंबेसडर तय न होने के सवाल पर कहा, “देश के 125 करोड़ लोगों ने नरेंद्र मोदी को इस देश का ब्रांड एंबेसडर चुना है। इसलिए अतुल्य भारत के ब्रांड एंबेसडर भी वही हैं।” क्या इसका अर्थ यह लगाया जाए कि जल्द ही अतुल्य भारत के विज्ञापनों में मोदी दिखाई देंगे? इस सवाल का जवाब पर्यटन मंत्री हालांकि टाल गए।

अगले ही पल उन्होंने कहा कि देश में बौद्ध सर्किट की तर्ज पर मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में स्वदेश दर्शन योजना के तहत 12 सर्किटों के विकास पर काम कर रही है। मंत्रालय सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत 35 पर्यटन सर्किट भी पेश करने की योजना में है, जिससे आय के स्रोत बढ़ेंगे। इसके साथ ही 20 पर्यटन पार्को को विकसित करने की दिशा में भी काम हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में पर्यटन की दिशा में काम किया जा रहा है, मूल रूप से उन राज्यों जिनकी आय पर्यटन पर ही निर्भर हैं। नई योजनाओं का खाका तैयार किया जा रहा है, जिसका जल्द ही ऐलान किया जाएगा।

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