उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के महत्वपूर्ण पहलुओं पर डालें एक नजर

लखनऊ। 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले चरण की वोटिंग होनी है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को 2019 में होने वाले आम चुनावों का रिहर्सल भी कहा जा रहा है। जाहिर-सी बात है, इन चुनावों पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं। पहले चरण में यूपी विधानसभा की 73 सीटों पर वोटिंग होनी है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले चरण

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले चरण की मुख्‍य बातें  

2012 के चुनावों में समाजवादी पार्टी ने इन 73 सीटों में से 24, बीएसपी ने 24, बीजेपी ने 11, राष्ट्रीय लोक दल ने 9 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं थीं। 2014 के लोकसभा चुनावों के नतीजों के आधार पर बात की जाए तो 68 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और 5 विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी। मोदी लहर ने बाकी की पार्टियों को कहीं भी बढ़त बनाने का मौका नहीं दिया था।

आइए, जानते हैं यूपी चुनावों के पहले चरण से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य…

पहले चरण में कुल 73 सीटों पर 839 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 2,60,17,075 मतदाताओं द्वारा किया जाना है।

इन मतदाताओं में 1,42,49,799 पुरुष मतदाता, 1,17,65,768 महिला मतदाता और 1,508 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं।

पहले चरण के चुनावों में कुल 77 महिला उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रही हैं।

सबसे ज्यादा 26 उम्मीदवार आगरा दक्षिण की सीट से हैं, जबकि सबसे कम 6 उम्मीदवार हस्तिनापुर की सीट से हैं।

21 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां एक से ज्यादा महिला उम्मीदवार हैं।

पहले चरण के चुनावों में बीजेपी के 73, बीएसपी के 73, सीपीआई के 5, सीपीआई (M) के 4, कांग्रेस के 24, राष्ट्रीय लोकदल के 57, समाजवादी पार्टी के 51 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

यूपी चुनावों के पहले चरण में 291 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। साथ ही 261 उम्मीदवार ऐसी पार्टियों से हैं जो रजिस्टर्ड तो हैं, लेकिन उनके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते।

पहले चरण में वोटर्स की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी सीट साहिबाबाद, जबकि सबसे छोटी सीट जलेसर है।

इन चुनावों में 26,823 पोलिंग स्टेशन्स से मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

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