आसमान से गिरे उल्का पिंड ने ली बस ड्राइवर की जान

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तमिलनाडु। आपने कभी सुना है कि किसी आदमी की मौत का कारण उल्का पिंड में विस्फोट हो सकता है। आपको विश्वास नहीं होगा लेकिन यह सच है। तमिलनाडु में एक 40 साल के आदमी की मौत उल्का पिंड से हुई है। जब लोगों को इस बात का पता चला तो वे हैरान हो गए।

उल्का पिंड

उल्का पिंड का क्या है मामला

40 साल का बस ड्राइवर कामराज वेल्लोरी के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के पास पानी पीने के लिए खड़ा था तभी आसमान में एक उल्का पिंड निकला। उसी समय उल्का पिंड में विस्फोट हुआ और वह विस्फोट बस ड्राइवर के ऊपर गिर गया। ड्राइवर को चोट लग गई और उसे तुरंत पास के एक हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मौके पर खड़े लोगों ने पूरी कहानी बताई तब जाकर लोगों को पता चला। तमिलनाडु के एक मंत्री ने भी इस घटना को कंफर्म किया है। वहीं पुलिस ने बताया कि इंजीनियर कॉलेज में निर्माण कार्य हो रहा था जहां जिलेटिन की छड़ें पड़ी थीं। इसी वजह से यह हादसा हुआ

बस ड्राइवर बना इतिहास

जिस बस ड्राइवर की मौत हुई है वह भारतीय इतिहास में अमर हो गया है। आज से पहले कभी भी किसी आदमी की ऐसी मौत नहीं हुई। तमिलनाडु में ऐसी मौत को लेकर काफी गहमागहमी है। नासा ने भी इस मौत पर कहा है कि आज से पहले कभी भी किसी आदमी की ऐसी मौत नहीं हुई।

meteor

इंजीनियर कॉलेज पर भी पड़ा प्रभाव

उल्का पिंड में विस्फोट होने से जहां बस ड्राइवर की मौत हो गई वहीं इंजीनियर कॉलेज की खिड़कियों और दरवाजे भी टूट गए। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि कॉलेज में पढ़ रहे छात्र दौड़कर बाहर आए और देखा कि एक छोटा से टुकड़ा वहां पड़ा है।

लंदन के हिस्ट्री म्यूजियम का बयान

लंदन के हिस्ट्री म्यूजियम ने भी साफ कहा है कि आज से पहले किसी की भी ऐसी मौत नहीं हुई है। वहीं हावर्ड के अंतरराष्ट्रीय धूमकेतु त्रैमासिक ने इस मामले में कहा है कि इससे पहले एक ऐसे मामले का पता चलता है। इस मामले में आगे कहा गया कि भारत में दो शताब्दियों पहले उल्‍का पिंड का प्रभाव देखा गया था।

विज्ञान की मैगजीन का तर्क

अधिकतर विज्ञान की मैगजीनों ने भी तर्क देते हुए कहा कि आज से पहले ऐस मामला सुना नहीं गया है। विज्ञान पत्रिकाओं ने दावा किया है कि 1911 में मिस्र में एक कुत्ते की उल्का पिंड से मौत हुई थी।

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