…तो क्या अध्यक्ष ऋचा सिंह ने चुनाव जीतने के लिए रची थी साजिश !

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इलाहाबाद। यूनिवर्सिटी में छात्र संघ ऋचा सिंह के प्रवेश को लेकर छिड़ा विवाद धीरे-धीरे बड़ा रूप ले रहा है। प्रवेश पर विवाद के बीच छात्रसंघ चुनाव में गड़बड़ी का मुद्दा भी जोर पकडऩे लगा है। ऋचा सिंह के मसले पर कुलपति के रूख को लेकर भी प्रश्न खड़ा किया जाने लगा है। ऋचा के प्रवेश पर छिड़ी जंग के बीच छात्रसंघ चुनाव में गड़बड़ी का मुद्दा उठा दिया गया है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ऋचा के प्रवेश को लेकर जांच में इतनी सक्रियता दिखा रहा है लेकिन छात्र संघ चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ी और ग्रीवांस सेल की रिपोर्ट को भुला दिया गया है।

 ऋचा सिंह

ऋचा सिंह ने चुनाव जीतने के लिए रची साजिश

छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी रहे रजनीश सिंह ऋशु ने ग्रीवांस सेल के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनका नामांकन चुनाव से ठीक एक दिन पहले खारिज किया गया। इससे उनका चुनाव प्रभावित हुआ और वे मात्र 11 मतों के अंतर से हार गए। ऐसे में छात्रा ऋचा सिंह को अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने का मौका मिला। रजनीश का कहना है कि ऋचा सिंह ने चुनाव जीताने के लिए मेरे साथ साजिश किया है।

ऋचा ने मेरे साथ खेल खेला

रजनीश की शिकायत के बाद ग्रीवांस कमेटी ने सुनवाई की। जिसके बाद ग्रीवांस कमेटी ने 12 अक्टूबर 2015 को जारी किए गए लेटर में चुनाव अधिकारी प्रोफेसर आरएस पांडेय को नियमों की अनदेखी करने के लिए आरोपित किया। कमेटी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि दक्षता भाषण के बाद नामांकन खारिज करने और फिर चुनाव लडऩे की हरी झंडी देने से रजनीश का चुनाव प्रभावित हुआ। ग्रीवांस कमेटी में चेयरमैन डॉ एआर सिद्दीकी समेत दो अन्य सदस्य गिरीश कुमार और संजय उपाध्याय शामिल थे। सेल ने आगे की कार्रवाई के लिए वीसी को पत्र लिखकर लीगल एडवाइज लेने के लिए कहा था लेकिन हैरत की बात है कि अभी तक लीगल एडवाइज का कोई अता-पता नहीं है। चुनाव में हुई गड़बडिय़ों का दोषी कौन? यह सवाल भी यक्ष प्रश्न बनकर रह गया है।

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