पहले स्कूल से काटा नाम और फिर ठोका 1 करोड़ का मुकदमा

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आगरा। हर अभिभावक का सपना होता है कि वह अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाए लेकिन आगरा में ऐसे ही एक अभिभावक का सपना टूट गया। इस अभिभावक को स्कूल में शिकायत करना महंगा पड़ गया। जिले के एक स्कूल ने बच्चे को फेल करने के साथ उसे टीसी थमा दी और फिर अभिभावक पर एक करोड़ की मानहानि का दावा भी ठोक दिया है। इससे परेशान अभिभावक अब मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर के साथ गुरूद्वारे जाकर एक करोड़ जुटाने का प्रयास कर रहे है।

एक करोड़ की मानहानि

न्यू आगरा के सुरेंद्र नगर मे रहने वाले मोटर मकैनिक हाजी सगीर अहमद के छोटे बटे मो.शहनाज को स्कूल ने सिर्फ सातवीं कक्षा के बाद आठवीं में फेल कर दिया है जबकि उसको रिजल्ट भी नहीं बताया गया। अभिभावकों द्वारा शिकायत करने पर स्कूल प्रशासन का अहम टकरा गया तो गुस्साएं स्कूल प्रशासन ने अभिभावक पर एक करोड़ की मानहानि का दावा ठोक दिया है। ये मानहानि का दावा ठोकने वाला स्कूल शहर का एक नामी कॉन्वेंट स्कूल है जो घटिया आजम खां मे स्थित हैं।

परिजनों ने स्कूल प्रशासन से मामले मे बात की तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि बच्चा फेल हो गया इसलिए वे उसे नही पढ़ा सकते इसलिए कहीं और प्रवेश दिला दीजिये। बच्चे के रिजल्ट के बार मे पूछा तो रिजल्ट नही दिया गया और बताया कि बेटा सभी विषयों मे फेल है। स्कूल प्रशासन ने जबाव नही दिया तो अभिभावक ने संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा के साथ जिलाधिकारी को शिकायत की। इस पर उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से स्कूल से कारण पूछने के लिए नोटिस भेज दिया। इससे स्कूल प्रबंधन इतना आक्रोशित हो गया कि उसने अभिभावक पर मानहानि का मुकदमा ठोक दिया है जिसका जुर्माना एक करोड़ का है।

इस मामले को जो भी सुन रहा है वो हैरान है। इस मामले मे हमने घटिया स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल के प्रशासन से बात करना चाही तो उनसे संपर्क नही हो सका साथ ही फोन भी नही उठाया गया। जिसके चलते स्कूल प्रशासन का पक्ष फिलहाल सामने नही आ पाया है लेकिन शिक्षा का अधिकार नियम के बाद भी पहले बच्चे को सातवीं और आठवीं मे फेल करना और फिर बच्चे को रिपोर्ट कार्ड न देना और इसके बाद शिकायत करने से खफा होकर एक करोड़ की मानहानि ठोकना फिलहाल तो कतई सही नही कहा जा सकता फिलहाल परेशान अभिभावक स्कूल के मानहानि के दावे पर जबाव देने के साथ जुर्माने की राशि जुटाने मे लग गये हैं क्योकि प्रभावशाली अल्पसंख्य संस्थान होने के कारण उन्हे मुकदमे मे फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।

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