मध्यम अवधि में विकास दर बढ़ाने के लिए सुधार की जरूरत : मूडीज

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चेन्नई। वैश्विक क्रेडिट एजेंसी-मूडीज ने मंगलवार को कहा कि भारत में जारी सुधारों से मध्यम अवधि में विकास को बढ़ावा मिलेगा, जबकि एशिया प्रशांत क्षेत्र के सरकारों (सॉवरिन) की साख स्थिर है। मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने एक बयान में कहा कि आनेवाले सालों में सरकार की संबंधित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए उपायों और नीतियों की क्षमता के आधार पर ही सॉवरिन क्रेडिट प्रोफाइल आकार लेगी।

एजेंसी-मूडीज

एजेंसी-मूडीज ने कहा, मध्यम अवधि में विकास दर को बढ़ावा मिलेगा

मूडीज ने कहा, “खासतौर से भारत में (बीएए3 सकारात्मक), इंडोनेशिया में (बीएए3 स्थिर) और फिलिपिंस में (बीएए2 स्थिर) प्रोफाइल है जहां सुधारों को जारी रखने से मध्यम अवधि में विकास दर को बढ़ावा मिलेगा।” मूडीज ने यह बातें अपनी ‘सॉवरिन्स- एशिया पैसेफिक: 2017 आऊटलुक- स्टेबल आऊटलुक बैलेंसेस एक्सर्टनल, पॉलिटिकल रिस्क अगेनस्ट इकोनॉमिक, इंस्टीट्यूशनल रिफार्म’ नामक रिपोर्ट में कही है।

इस रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि उसने नवंबर 2016 में भारत की रेटिंग पर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है जो इस उम्मीद पर टिकी है कि भारत विकास को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक और संस्थागत सुधार जारी रखेगा।

मूडीज ने कहा, “सुधार के इन उपायों में विदेशी निवेश पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देना, वस्तु एवं सेवा कर को लागू करने की कोशिश, व्यावहारिक दीवालियापन संहिता को बेहतर बनाना आदि कदमों में यह क्षमता है कि इसे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जो स्थिर, संतुलित विकास की तरफ ले जाती है तथा धीरे-धीरे सरकार के कर्जो का बोझ भी कम होगा।” मूडीज के मुताबिक नोटंबदी से विकास पर कम अवधि का नकारात्मक असर पड़ेगा, लेकिन इसमें सरकार का राजस्व बढ़ाने और वित्तीय घाटे को पाटने में मदद मिलेगी।

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