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एनजीटी की सख्ती का असर, होटल और आश्रमों को नोटिस

हरिद्वार। एनजीटी की सख्ती का असर दिखना शुरु हो गया है। जल संस्थान की अनुरक्षण इकाई (गंगा) ने ऐसे आश्रमों, होटलों और धर्मशालाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जो अपने यहां की गंदगी को गंगा में प्रवाहित कर रहे हैं। इनमें से कई ने सीवर के अवैध कनेक्शन भी कर रखे हैं। ऐसे 204 होटल, धर्मशाला, आश्रमों को नोटिस भी जारी किए गये हैं। गंगा को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एनजीटी ने जल संस्थान को सख्त निर्देश दिए हैं। एनजीटी के निर्देशों के पालन के लिए ही जल संस्थान हरकत में आ गया है। अभियान के तहत अवैध सीवर कनेक्शन भी पकड़ में आए। जांच में 14 होटलों के सेफ्टी टैंक भी पाए गए लेकिन उनके भरने पर कहां खाली किया जाता है इसका जवाब होटल मालिक नहीं दे सके। जांच में यह भी सामने आया कि कई संत-महात्माओं ने सीवर के अवैध कनेक्शन कर रखे हैं। ऐसे सभी होटल, आश्रम और धर्मशालाओं को नोटिस दे दिए गए हैं।

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जिन होटलों, धर्मशालाओं और आश्रमों को अवैध सीवर कनेक्शन को रेगुलर करने के नोटिस दिया गया हैं उन्हें एक महीने का समय भी दिया गया है। इस अवधि में कनेक्शन रेगुलर नहीं कराने वालों के विरुद्घ एनजीटी के आदेश के अनुसार जुर्माना समेत अन्य कठोर और प्रभावी कार्रवाई भी की जाएगी।

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एनजीटी ने कहा 18 से पहले स्थिति साफ करें

एनजीटी ने प्रदेश सरकार को गंगा और सहायक नदियों में प्रदूषण रोकने और प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर 18 जनवरी से पहले स्थिति साफ करने के आदेश दिये हैं। सोमवार को मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने एनजीटी के सामने राज्य सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदूषण फैलाने वाले 8 उद्योग और 3 होटल बंद किये जा चुके हैं। इसके अलावा सितारगंज और हरिद्वार सिडकुल में सीईटीपी स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही हरिद्वार में अर्द्धकुंभ मेले की शुरुआत की जानकारी देते हुए प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने में असमर्थता जताई, और मेला खत्म होते ही प्लास्टिक और पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आश्वासन दिया।

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बनाई ग्रेवटी लाइन

इस बीच अनुरक्षण इकाई (गंगा) के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने कहा कि जगजीतपुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास ही ग्रेवटी लाइन बना दी गई है। जिन भवन स्वामियों, होटल, धर्मशाला, आश्रमों, अपार्टमेंट और भवन स्वामियों के सेफ्टी टैंक हैं वे उन्हें नालों में खाली न कर जगजीतपुर भेजकर उनकी लाइन में खाली कराएं। उन्होंने बताया कि हरकी पैड़ी क्षेत्र के बाजारों, होटल, ढाबों पर अत्यधिक पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भी गंगाजी में प्रदूषण बढ़ रहा है और अब इसको नियंत्रित किया जाना है।

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गंगा में सीवर बहाने के विरुद्ध प्रदर्शन

राष्ट्रीय सावक मंच के कार्यकर्ताओं ने नालों के माध्यम से सीवर सीधे गंगा में बहाने के विरुद्घ ललतारौ में प्रदर्शन किया। आरोप है कि बिजली नहीं होने पर सीवरेज पंपिंग स्टेशन से भी सीवर को गंगा में बाईपास कर दिया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, लेकिन हरिद्वार में अभी भी खुलेआम सीवर की नदी गंगा में बहाई जा रही है।

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