84 साल की उम्र में कांग्रेस ने इस पूर्व मंत्री को किया दरकिनार, दुखी होकर छोड़ी पार्टी

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नई दिल्‍ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के सीएम रह चुके एसएम कृष्‍णा ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया है। उन्‍होंने पार्टी छोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस ने मेरी बढ़ती उम्र को ढाल बनाकर मुझसे किनारा कर लिया। इस बात का मलाल मुझे जीवनभर रहेगा।

एसएम कृष्‍णा

एसएम कृष्‍णा ने कहा कि उम्र को कोई मापदंड नहीं

पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने रविवार को प्रेस कॉफ्रेंस बुलाकर कहा कि कांग्रेस को इन दिनों नेताओं की नहीं सिर्फ मैनेजरों की जरूरत है जो स्थिति सभांल सकें। उम्र सिर्फ एक मनोदशा है और इस कारण यह स्थिति जानने का मापदंड नहीं होना चाहिए। कुछ लोग होते हैं, जो युवावस्था में भी एक्टिव नहीं होते। उन्होंने कहा कि जब इंदिरा प्रधानमंत्री थीं, तब से मैं कांग्रेस में हूं। पिछले चुनावों में मैंने दौरे किए, तब किसी ने मेरी उम्र नहीं देखी। अचानक से मैं बूढ़ा हो गया और मुझे आराम की जरूरत पड़ गई। दुर्भाग्य से ये फैसला किया। मुझे लगता है कि कांग्रेस को मेरी जरूरत नहीं है।

इंदिरा और राजीव के साथ भी किया काम

कृष्णा ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी में सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की बात कही थी और उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से मुक्त करने की मांग की है। कांग्रेस में पांच दशक से ज्यादा वक्त बिता चुके 84 वर्षीय एसएम कृष्णा पहली बार 1968 में मांड्या से सांसद चुने गए थे। वह इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। 1999 में उन्होंने कांग्रेस को कर्नाटक में जीत की दहलीज पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और 2004 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

नहीं निभा रहे थे बड़ी जिम्मेदारी

इसके बाद मनमोहन सिंह कैबिनेट में उन्होंने विदेश मंत्री का जिम्मा संभाला और फिर महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रहें। हालांकि 2012 में उन्हें पद से इस्तीफा देकर राज्य की राजनीति में वापसी की, लेकिन वहां कांग्रेस ने उन्हें दरकिनार कर जेडीएस से पार्टी में आए सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बना दिया। कृष्णा इस बात से खफा भी थे और और पिछले दो साल से पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे थे।

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