एसपी सलविंदर सिंह के घरों पर छापे में NIA के हाथ लगे अहम सुबूत!

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पंजाब। पठानकोट हमले को लेकर शक के घेरे में आए गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह के घर से एनआईए को अहम सुराग मिले हैं। एनआइए की छह टीमों ने गुरुवार को एसपी सलविंदर सिंह के सरकारी व पुश्तैनी आवास पर छापा मारा था। इसके साथ ही एनआइए की टीमों ने एसपी के साथी ज्वेलर राजेश वर्मा और कुक मदन गोपाल के यहां भी जांच की।

एसपी सलविंदर सिंह

एसपी सलविंदर सिंह से की सात घंटे से ज्यादा पूछताछ

अमृतसर में एसपी सलविंदर सिंह के घर सात घंटे तक सर्च की गई तो गुरदासपुर में एसपी के सरकारी आवास, उनके ज्वेलर दोस्त राजेश वर्मा के घर व दुकान और कुक मदन गोपाल के यहां चप्पा-चप्पा खंगाला गया। सलविंदर के घर से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) अधिकारी तीन मोबाइल फोन और बैग व थैले में कुछ सामान-दस्तावेज भरकर ले गए।

एनआईए की टीम को मिले सबूत
गुरदासपुर में भी सर्च के बाद जाते समय जांच टीम के हाथों में बैग थे। टीम के सदस्य सभी जगह से कुछ न कुछ लेकर निकले। सूत्र बता रहे हैं कि एनआइए के हाथ कुछ अहम सुबूत हाथ लगे हैं जो इस केस में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि किसी भी अधिकारी ने फिलहाल कुछ भी बताने से इन्कार किया है।

सात घंटे तक खंगाला एसपी का घर
अमृतसर के जय सिंह चौक स्थित एसपी सलविंदर सिंह के 60 गज के पुश्तैनी घर एनआइए की टीम सुबह इनोवा गाड़ी में पहुंची। साथ में कुछ पुलिस अधिकारी भी थे। घर का दरवाजा खुलवाकर टीम भीतर गई। घर में सलविंदर की दो बेटियां, एक बेटा, बुजुर्ग मां व पत्नी मौजूद थी। सात घंटे तक एनआइए टीम चप्पे-चप्पे को खंगालती रही। इस दौरान डॉग स्कवॉयड की मदद भी ली गई जिससे एसपी के परिजनों को कुछ असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।

बैग और थैले में थे कागजात
दोपहर बाद एनआइए का एसपी स्तर का एक अधिकारी घर के बाहर निकला और पंजाब पुलिस के एक एएसआइ के साथ जय सिंह चौक से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित थाना सी डिवीजन चला गया। अधिकारी के वापस आने के करीब दो घंटे बाद एनआइए व पंजाब पुलिस की टीम घर से बाहर निकल आई। पंजाब पुलिस के जवान कुछ बैग व थैले जिनमें दस्तावेज भी थे, के साथ बाहर निकले थे। इनको थाना सी डिवीजन ले जाया गया, लेकिन इनमें क्या था, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। एनआइए टीम तीन मोबाइल भी साथ ले गई, ये एसपी के थे या परिजनों के, यह पता नहीं चल सका।

एसपी के परिजनों ने बंद कर लिया दरवाजा
एनआइए टीम के जाने के बाद एसपी के परिजनों ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। मीडिया द्वारा परिजनों से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।

पत्नी के पास कितना धन, इसकी भी ली जानकारी
एसपी सलविंदर सिंह के घर में रखे हुए दस्तावेजों को खंगाला गया है। उनकी पत्नी के पास कितना ‘स्त्री धन’ अर्थात सोने व हीरे के जेवरातों के साथ-साथ नकदी व प्रॉपर्टी है की जानकारी ली की गई। सलविंदर की मां से पूछताछ के दौरान टीम ने सलविंदर के व्यवहार के बारे में पूछा। बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान कई बार एसपी की बुजुर्ग मां के आंसू छलक पड़े।

सरकारी आवास में आठ घंटे चली जांच
गुरदासपुर में सलविंदर सिंह के घर पर एनआइए टीम की सर्च सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चलती रही। टीम ने एसपी सलविंदर के आवास, ज्वेलर राजेश वर्मा और कुक मदन गोपाल के घरों में सुबह करीब नौ बजे एक साथ दस्तक दी। तीनों जगह पर एक ही इंचार्ज नेतृत्व कर रहे थे, टीमें अलग-अलग थीं। पंजाब पुलिस सहयोग कर रही थी। टीम ने घर के पूरे सामान की तलाशी लेने के साथ-साथ एक-एक कागजात की छानबीन की। इस दौरान उनके घरों के आसपास किसी को फटकने तक नहीं दिया गया।

सलविंदर इसलिए हैं शक के घेरे में

गुरदासपुर के एसपी (हेडक्वार्टर) रहे सलविंदर सिंह के अनुसार, उनको, उनके ज्वेलर दोस्त राजेश वर्मा व कुक मदन गोपाल का 31 दिसंबर की रात को आतंकियों ने अपहरण कर लिया था। तीनों एक दरगाह से माथा टेककर लौट रहे थे। बाद में आतंकियों ने तीनों को अलग-अलग जगह फेंक दिया था और एसपी की नीली बत्ती लगी गाड़ी व मोबाइल फोन छीन लिया था। वर्मा व मदन की पिटाई भी की थी, लेकिन एसपी को कुछ नहीं किया था।

काली शीशे वाली गाड़ी में घर आते थे सलविंदर सिंह
एसपी सलविंदर सिंह के घर वीरवार को पड़े एनआइए छापे से विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं। आस-पड़ोस के लोग एसपी सलविंदर सिंह के बारे में अधिक कुछ बोलने को तैयार नहीं थे,लेकिन उन्होंने बताया कि एसपी घर आते थे तो अक्सर काले रंग के शीशों की गाड़ी में होते थे। जैसे ही वह घर आते दरवाजा खुलता और भीतर चले जाते। जब बाहर निकलते तो काले शीशे वाली गाड़ी में बैठ जाते थे। कभी-कभार आमना-सामना हो जाता तो सत् श्री अकाल के अलावा कोई बातचीत नहीं होती थी।

बीएसएफ में थे सलविंदर के पिता
एसपी सलविंदर के एक पड़ोसी ने बताया कि उनकी मां का नाम हरबंस कौर है। देश विभाजन के बाद उनका परिवार यहां आया था। उनके पिता बीएसएफ में थे। एसपी की पत्नी व बच्चे किसी पड़ोसी के साथ अधिक संपर्क में नहीं रहते थे। उनकी मां ही शादी ब्याह के अवसर पर लोगों को न्यौता देती थीं और आती-जाती थीं। आसपास में ‘बहनजी’ के नाम से मशहूर एसपी की मां बीते कई साल से घर से बाहर नहीं निकली हैं। वह बीमार रहती हैं।

तंग गली की बैकसाइड में भी घर का दरवाजा
एसपी सलविंदर सिंह के घर के साथ सटी गुरु नानक गली है। लगभग तीन फुट चौड़ी इस गली के आखिरी कोने में एसपी के घर की बैकसाइड है जहां एक दरवाजा मौजूद है। एसपी कई बार बाहर निकलने के लिए बैकसाइड के दरवाजे का प्रयोग करते थे।

सोमी बाबा के घर भी पहुंची एनआइए की टीम
उधर पठानकोट के बमियाल क्षेत्र में स्थित बाबा सोमी के घर की भी एनआइए की टीम ने बुधवार रात तलाशी ली। जांच टीम ने बाबा की पत्नी व मां से पूछताछ की। टीम के सदस्यों ने बाबा के घर रखे गेहूं के ड्रम भी छाने। इस देखने का प्रयास किया कि कहीं कुछ छिपा कर तो नहीं रखा गया है। बाबा की मां ने बताया कि एनआइए पुलिस के साथ उनके घर बुधवार रात करीब एक घंटे तक रही। इस दौरान पूरे घर को अच्छी तरह से खंगाला। उनसे व सोमी की पत्नी से यह सवाल भी पूछे कि वह एसपी सलविंदर सिंह को कब से जानते थे? एसपी से कभी मिले या नहीं? एसपी के साथ रह रहा उनका कुक क्या रिश्तेदार है? यह रिश्तेदारी कब से है?

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