ऐतिहासिक रवई नदी हो गई ‘जहरीली’

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रवई नदी
डा. राधेश्याम द्विवेदी।

बभनान कस्बे से पश्चिम बभनजोगिया के पास श्रवण पाकड़धाम से चलकर 57 किलोमीटर दूर चुवाड़े के बगल कुआनों नदी में मिलने वाली ऐतिहासिक रवई नदी जहरीली हो गई है। अब इसके पानी में न कोई जलचर है और न पशुओं को इसका पानी पीने दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जो भी पशु इसका पानी पीता है तड़प कर मर जाता है। यह नदी क्षेत्र के लोगों के लिए अभिशप्त होती जा रही है।

रवई नदी की खुदाई का कोई काम हुआ

वर्ष 2002 में तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्र ने इस नदी को बचाने की दिशा में पहल की और सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव पास कर धन निर्गत किया। शासन की मंशा के अनुरूप इसे गहरा कर वाटर लागिंग समाप्त करने तथा इसके पानी का प्रदूषण समाप्त कर दोनो किनारे सड़क बनाने का प्रस्ताव रहा है। कार्यदायी संस्था सरयू नहर खंड पांच ने इस योजना के तहत कैप्टननगर, बड़े वन, गोटवा, गनेशपुर मार्ग स्थित पैनपुरा, कप्तानगंज से टिनिच मार्ग स्थित चोड़हा, महराजगंज बेलघाट के भुड़कुलगंज समेत कई स्थानों पर पुल का निर्माण कराया पर न तो नदी की खुदाई का कोई काम हुआ और न ही सफाई का। पुल निर्माण के बाद कार्यदायी संस्था ने भी अपने हाथ खींच लिए।

जन श्रुतियों में रवई नदी श्रवण कुमार के अंधे माता पिता के आंसुओं से उत्पन्न हुई थी। पहले इसका नाम भी रोई नदी था जो बाद में परिवर्तित होकर रवई नदी नाम से जाना जाने लगा। कहते हैं कि श्रवण पाकड़ में ही श्रवण ने अपनी कांवर रखी थी और मनोरमा नदी में माता पिता के लिए पानी लेने गए जहां अयोध्या के राजा दशरथ ने बाण चलाया और श्रवण कुमार की मौत हुई थी। इस कथा के आधार पर ही श्रवण पाकड़ धाम हुआ और पुत्र वियोग में माता पिता रुदन से रवईनदी बन गई।

रवई नदी का किनारा मिट्टी के अवैध खनन के लिए मुफीद साबित हो रहा है। गनेशपुर के दक्षिणी हिस्से में रवई नदी के किनारे बडे पैमाने पर बालू मिक्स पीली मिट्टी पाई जाती है।गनेशुपर के दक्षिण द्वारा, भटोलवा, सियरहवा आदि गांवो से कुछ दूरी पर स्थित रवई नदी के किनारे बालू मिक्स मिट्टी का अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। दिन भर जेसीबी मशीनें मिट्टी का खनन में लगी रहती है।

जेसीबी से मिट्टी निकाल उसे डंपर और टैªक्टर ट्राली में लोड कर ईट भट्ठो पर आपूर्ति की जा रही है। पिछले माह सियरहवा बड़ेबन और चुवाड़े के ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस ने मौके पर कई ट्रालियांे को पकड़ा भी था, मगर इसके बाद भी बालू मिक्स पीली मिट्टी का खनन अवैध रूप से बेखौफ किया जा रहा है।

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